Tuesday, 29 January 2019
Government toll
ist of emergency Helpline numbers All Over in India
The Government of India provides a single helpline number for all over in India offered by the Government agencies. These toll-free numbers are running across all states in India and available 24x7. The toll-free numbers/helplines are telephone and SMS based services which help to the callers regarding various government services.
The following is a list of HelpLine numbers for All Over In India.
Search:
A Single Helpline Number
HelpLine Number Description
+91 9540161344. Air ambulance
100 Police
101 Fire
102 Ambulance
103 Traffic Police
1031 Anti Corruption Helpline
1033 Emergency Relief Centre on National Highways
104 State level helpline for Health
104 Hospital On Wheels
1066 Anti-poison
1070 Central Relief Commissioner for Natural Calamities
1070 Relief Commissioners of Central/State/Union territory
1071 Air Accident
1072 Train accident
1073 Road Accident
1073 Traffic Help Line
1077 Control room of District Collector/Magistrate
108 Disaster management
1090 Anti terror Helpline/Alert All India
1091 Women in Distress
1092 Earth-quake Help line service
1096 Natural disaster control room
1097 AIDS helpline
1097 AIDS help line service
1098 Child abuse hotline
1099 Central Accident and Trauma Services
1099 Catastrophe & Trauma service
112 General emergency Department of Telecommunications (DoT)
112 All in one Emergency Number
1251 LIC Of India
12727 Public Grievance Cell Telecom Circle HQs
1320, 131, 1321 Indian Railway General Enquiry
1322 For any theft or harassment, nuisance caused due to smoking or alcohol consumption on train
1322 Indian Railway Security Helpline
133 Railway Helpline for Arrival/Departure and Reservation services
139 Railway Enquiry
1407 Indian Airlines
1414 Air India ( Confirmation / Cancellation Enquiry)(Called Party)
1500 for any queries related to landline telephone, ISDN etc. Also accessible from CellOne, Excel & Tarang phones
1512 Railway
1551 Kisan Call Center
155200 Military Police Help Line
155233 Indian Oil Help Line
155255 / 1800 4254732 Insurance Regulatory and Development Authority (IRDA)
155313 Water Board
155333 Electricity Complaints
1580 Trunk booking
1581 Trunk assistance
1582 STD complaints
1583 National Directory Enquiry (NDQ) Service
1586 International trunk booking
1587 International trunk enquiry
1588 International Trunk delay information
1589 Telex complaints
1600 Free Phone Enquiry
1602 India Telephone Card Enquiry
166 / 1660-69 Billing complaint center
1671-73 Billing Complaint Center
1717 Weather Enquiry
1718 Maritime Search and Rescue control room of coastal guard
1800-11-0031 Drug de-addiction
1800-11-4000 National Consumer Helpline
1800-11-7800 MyGov Toll Free Number for MannKiBaat for ideas and suggestions
1800-111-139 IRCTC Help Line
1800-180-1104 National Health Helpline
1800-180-5522 Anti Ragging-Emails at helpline@antiragging.in
1800-3000-780 Mann Ki Baat on the toll-free number
181 Domestic abuse and sexual violence-Women's Helpline
1904 Indian Army Help Line
1906 LPG emergency helpline number
1910 Blood bank Information
1911 Dial a doctor
1913 Tourist Office (Govt.of India)
1916 Water Supply Complain
1918 Leased Circuits Fault Booking
1919 Eye Donation
1919 Eye bank information service
1947 Aadhar Card-UIDAI (Unique idenditification authority of india),1800-180-1947
1950 Election Commission of India
1951 Change number announcement (Hindi)
1952 Changed number announcement (English)
1953 Changed number announcement (Regional language)
1954 Changed number announcement (in case of shift)
1957 Sancharnet Internet Help desk service
1958 Leased Circuit Fault Booking (WTR)
1961 Aaykar Sampark Kendra (ASK)
197 Directory enquiry service
198 Telephone Complaint Booking
Adhar add mobile
Mobile Number से आधार कैसे लिंक करें OTP के द्वारा
10 months ago1 Comment4 min read


Written by Prakash Kumar Nirala

How To Link Mobile Number With Aadhar By OTP
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1 How To Link Mobile Number With Aadhar By OTP
1.1 मोबाइल नंबर को आधार से लिंक कर सकते हैं
1.1.1 आप पूरी प्रक्रिया को और बेहतरीन ढंग से समझने के लिए निचे का विडियो देख सकते हैं…
Mobile Number Se Aadhar Kasie Link Karen Hindi Me
Hi Friends, आपने अभी तक यदि अपने मोबाइल नंबर से आधार कार्ड लिंक नहीं करवाया है तो आप सभी के लिए एक अच्छी न्यूज़ ये है कि अब आप इसे घर बैठे ही लिंक करवा सकते हैं काफी आसानी से OTP के द्वारा.
जैसा कि आप सभी जानते हैं कि पहले आपको अपने मोबाइल नंबर से आधार लिंक करवाने के लिए आपको किसी सर्विस प्रोवाइडर के पास जाकर अपने बायोमेट्रिक के द्वारा आपका मोबाइल वेरीफाई किया जाता था.
लेकिन अब इस प्रोसेस को काफी आसान कर दिया गया है.
दरअसल पिछले दिनों टेलीकॉम कंपनियों से ऐसी व्यवस्था करने के लिए कहा गया था जिससे ग्राहक घर बैठे ही अपने मोबाइल नंबर को आधार से लिंक करा सकें.
इस सेवा के शुरू हो जाने से अब आपको अपने मोबाइल नंबर से आधार लिंक करवाने के लिए कहीं जाने की जरुरत नहीं है अब आप घर बैठे ही एक नंबर पर कॉल करके ऐसा कर सकते हैं वो भी बिलकुल फ्री.
आपको बता दें यूआईडीएआई ने एक नंबर जारी किया जिसके द्वारा आप काफी आसानी से ऐसा कर सकते हैं सिर्फ एक कॉल करके.
आपको बस एक नंबर पर कॉल करना है और उसके बाद आधार से जुडी जानकारी आपको वहां पर इंटर करनी है और उसके बाद OTP के द्वारा सत्यापन करने के बाद आपका मोबाइल नंबर आधार से लिंक हो जायेगा.
तो आइये अब जानते हैं इस पुरे प्रोसेस को स्टेप बाई स्टेप कि कैसे….
मोबाइल नंबर को आधार से लिंक कर सकते हैं
सबसे पहले अपने मोबाइल नंबर से 14546 पर कॉल करें. ( ये एक टोल फ्री नंबर है )
इसके बाद आप वहाँ पर बताये अनुसार स्टेप्स को फॉलो करें और अपना आधार नंबर इंटर करें.
अब आपके आधार से रजिस्टर्ड नंबर पर एक OTP आएगा जिसे आपको अगले स्टेप में इंटर करना है.
और ऐसा कर लेने के बाद आपका नंबर काफी आसानी से आधार के साथ लिंक हो चूका है जिसका कन्फर्मेशन आप सभी को मेसेज के द्वारा दे दिया जायेगा.
*आपको बता दें कि इस सुविधा का लाभ उठाने के लिए ये काफी जरुरी है कि आपके आधार के साथ एक मोबाइल नंबर पहले से रजिस्टर्ड हो. क्योंकि इस रजिस्टर्ड नंबर पर आपको OTP प्राप्त होगा जिसे इंटर करके आपको वेरीफाई करना होगा.
आप पूरी प्रक्रिया को और बेहतरीन ढंग से समझने के लिए निचे का विडियो देख सकते हैं…

तो इस तरह आपने इस पोस्ट में जाना कि किस तरह आप काफी आसानी से अपने मोबाइल नंबर को घर बैठे ही आधार से लिंक कर सकते हैं.
आशा है आपको ये शानदार पोस्ट पसंद आई होगी.
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Virtual Aadhar ID क्या है और इसके कैसे Generate करें ( In Hindi )
ऑनलाइन आधार कार्ड में कैसे सुधार करें | Update Address In Aadhar Card
Aadhar Card कैसे डाउनलोड करें, पूरी जानकारी ( In Hindi )
Drone क्या है, ड्रोन की पूरी जानकारी ( In Hindi )
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Virtual id adhar
Virtual Aadhar ID क्या है और इसके कैसे Generate करें ( In Hindi )
10 months agoAdd Comment5 min read


Written by Prakash Kumar Nirala

What Is Virtual Aadhar ID And How To Generate It In Hindi
Virtual Aadhar ID Kya Hai Aur Ise Kasie Generate Karen Hindi Me
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1 What Is Virtual Aadhar ID And How To Generate It In Hindi Virtual Aadhar ID Kya Hai Aur Ise Kasie Generate Karen Hindi Me
1.1 वर्चुअल आईडी (VID) क्या है ?
1.2 वर्चुअल आईडी (VID) कैसे generate करें ?
1.2.0.0.1 यूआईडीएआई से वर्चुअल आईडी (VID) Generate करने के लिए आप निचे के स्टेप्स को फॉलो कर सकते हैं.
Hi Friends, जैसा कि आप सभी जानते हैं कि UIDAI ने आपके आधार डाटा को और सुरक्षित बनाने के लिए एक सराहनीय कदम उठाया है और वो ये है कि भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) ने देश की जनता को वर्चुअल आईडी (VID) का तोहफा दिया है.
अब आप सभी ये जानने को उत्सुक होंगे कि वास्तव में वर्चुअल आईडी (VID) है क्या है और यह कैसे हमारे आधार डाटा को सुरक्षित रहने में मदद कर सकता है.
तो आप सभी के इन्ही प्रश्नों का जवाब इस पोस्ट में काफी विस्तार से दिया जायेगा ताकि आप इसे अच्छी तरह समझ सकें.
वर्चुअल आईडी (VID) क्या है ?
वास्तव में वर्चुअल आईडी (VID) आपके लिए एक काल्पनिक आधार नंबर होगा जो एक दिन के लिए मान्य होगा और जिसे आप अपने आधार नंबर के बदले उपयोग कर सकते हैं.
मतलब ये कि यदि आप किसी सेवा का आनंद उठाना चाहते हैं जिसमे आधार नंबर की आवश्यकता होती है तो अब आप अपना आधार नंबर न देकर इस वर्चुअल आईडी (VID) को दे सकते हैं और ये बिलकुल उसी तरह काम करेगा जिस तरह आपका आधार नंबर करता है.
इस तरह आप अपना मुख्य आधार नंबर शेयर किये बिना ही अपना काम कर सकते हैं और आपका आधार डाटा सुरक्षित रह सकता है.
आपको बता दें कि आधार कार्ड को वीआईडी बनाने के लिए यूआईएडीआई ने बीटा संस्करण लॉन्च कर दिया है और कहा कि है कि 1 जून 2018 से किसी भी तरह की सेवा प्रदाता संस्थाएं आधार नंबर की जगह वीआईडी को स्वीकार करना शुरू कर देंगी.
साथ ही ये भी बता दें कि जनवरी में निजता का मुद्दा उठने पर यूआईडीएआई ने वर्चुअल आईडी का विचार सबके सामने रखा था, जिसका उपयोग सिमकार्ड वेरीफिकेशन समेत ऐसे तमाम स्थानों पर किया जा सकता है, जहां उपयोगकर्ता को अपनी 12 अंकों की असली आधार बायोमैट्रिक पहचान देनी होती है.
अब इतना कुछ जान लेने के बाद आप उत्सुक होंगे कि अपना ये वर्चुअल आईडी (VID) कैसे Generate कर सकते हैं.
तो आइये अब इसके बार में जानते हैं विस्तार से…
वर्चुअल आईडी (VID) कैसे generate करें ?
वर्चुअल आईडी (VID) एक डिजिटल आई डी की तरह है, जो सिर्फ और सिर्फ यूआईडीएआई के वेबसाइट से ही Generate किया जा सकता है. आपको ये भी बता दें कि ये सिर्फ एक दिन के लिए ही वैलिड होगा और इसके बाद आप दुबारा Generate कर सकते हैं इसी साईट से.
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Aadhaar
✔
@UIDAI
UIDAI launches Virtual ID.
Generate your VID from: https://resident.uidai.gov.in/web/resident/vidgeneration …
Soon, service providers will start accepting VID in place of Aadhaar number. For now, you can use this for online address update in your Aadhaar from: https://ssup.uidai.gov.in/web/guest/ssup-home …
399
1:33 PM - Apr 2, 2018
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यूआईडीएआई से वर्चुअल आईडी (VID) Generate करने के लिए आप निचे के स्टेप्स को फॉलो कर सकते हैं.
. सबसे पहले आप निचे दिए गए लिंक से इसके ऑफिसियल साईट पर विजिट करें.
Create Virtual ID
. उसके बाद दिए गए बॉक्सेस में अपना आधार नंबर और सिक्यूरिटी कोड इंटर करें और उसके बाद Send OTP पर क्लिक करें.

. इसके बाद आपके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर के OTP आएगा जिसे आपको अगले बॉक्स में इंटर करना है और Generate VID वाले बॉक्स को टिक करके निचे के Submit पर क्लिक कर देना है.
. इस प्रकार आपके स्क्रीन पर “Congratulations! Your VID Number Successfully Generated And Sent To Your Registered Mobile” ये दिखेगा. मतलब ये कि आपका VID Generate हो चूका है और इसे आपके मोबाइल नंबर पर भेज दिया गया है. जिसका उपयोग आप आधार नंबर के बदले कर सकते हैं. आपको बता दें कि वर्चुअल आईडी (VID) 16 अंको का होता है जबकि आपका आधार नंबर सिर्फ 12 अंको का.
तो इस प्रकार आप सभी ने जाना कि वर्चुअल आईडी (VID) क्या है और आप किस तरह काफी आसानी से इसे Generate कर सकते हैं.
Aadhar download
Aadhar Card कैसे डाउनलोड करें, पूरी जानकारी ( In Hindi )
1 year agoAdd Comment4 min read


Written by Prakash Kumar Nirala

How To Download Aadhar Card In Hindi
Aadhar Card Kaise Download Karen Uski Puri Jankari Hindi Me
Hi Friends, जैसा की आप सभी जानते हैं कि आज कल हर जरुरी काम के लिए आधार कार्ड काफी जरुरी हो गया है.
आपको चाहे बैंक अकाउंट खुलवाना हो आया पैन कार्ड बनवाना या फिर गैस की सब्सिडी पाना. इन सभी चीजों के लिए आधार कार्ड अनिवार्य कर दिया गया है. इसके अलावे भी और कई चीजें है जिनके लिए आधार कार्ड बहुत जरुरी है.
अब तो बिना आधार कार्ड के आप कोई सिम भी नहीं खरीद सकते हैं तथा साथ ही आपके पुराने मोबाइल नंबर को आधार कार्ड से जल्द से जल्द लिंक करने के निर्देश दिया जा रहा है.
ऐसे में बहुत जरुरी है कि आपके पास आधार कार्ड हो.
आप अपना आधार कार्ड बनवाने के लिए डाकघर, बैंक या अपने ब्लाक में संपर्क कर सकते हैं और अगर आप जानना चाहते हैं कि आपके एरिया के सबसे नजदीक कहाँ आधार कार्ड बनाया जा रहा है तो आप निचे के लिंक पर क्लिक कर इसका पता कर सकते हैं.
Locate Now
आधार कार्ड के लिए अप्लाई कर देने के बाद वैसे तो कुछ दिन ( लगभग 1 महीने ) के बाद अपने आप ही पोस्ट के द्वारा आपका आधार कार्ड आपके एड्रेस पर आ जाता है.
लेकिन किसी कारणवश यदि आपका आधार कार्ड नहीं आ पाता है या फिर आ जाने के बाद आपका आधार कार्ड खो जाता है तव आप अपना आधार कार्ड फिर से ऑनलाइन डाउनलोड कर सकते हैं अपने मोबाइल या फिर कंप्यूटर में और फिर उसका प्रिंट निकाल सकते हैं.
आप चाहें तो इसके लिए किसी Cyber Cafe या फिर वसुधा केंद्र का भी प्रयोग कर सकते हैं.
तो आइये आज के इस पोस्ट में जानते हैं की आप अपना आधार कार्ड कैसे डाउनलोड कर सकते हैं.
How To Download Aadhar Card In Hindi
Aadhar Card Kaise Download Karen Uski Puri Jankari Hindi Me
अपने मोबाइल या कंप्यूटर से आधार कार्ड डाउनलोड करने के लिए आप निचे के Steps को फॉलो करें.
STEP 1. सबसे पहले आप निचे दिए गए लिंक पर विजिट करें.
Download Aadhaar
STEP 2. उसके बाद यहाँ पर आपको निचे के इमेज के अनुसार आपके सामने आप्शन आ जायेंगे. सबसे पहला आप्शन है सबसे ऊपर में ” I Have Enrolment Id या Aadhaar. तो अगर आपके पास आधार नंबर है तो Aadhaar पर टिक कर दें और अगर आपके पास Enrolment Id है तो आप इसी पर टिक कर दें.

STEP 3. इसके बाद आपने जिस पर टिक किया है वो नंबर निचे के Box में इंटर करें. धयान रखें कि एनरोलमेंट Id में आपको डेट और टाइम सभी चीजें यहाँ पर इंटर करनी है. जबकि Aadhaar वाले आप्शन में सिर्फ आधार नंबर.
STEP 4. इसके बाद Full Name बाले बॉक्स में अपना पूरा नाम लिखें.
STEP 5. इसके बाद Pin Code वाले आप्शन में अपना पिन कोड इंटर करें.
STEP 6. इसके बाद आपको Captcha फिल करना है यानि कि इमेज में दिख रहे नंबर को निचे के बॉक्स में इंटर करना है.
STEP 6. इसके बाद आपको Get One Time Password पर क्लिक करना है. आप जैसे ही इस पर क्लिक करेंगे तो उसके कुछ ही क्षण बाद आपके रजिस्टर्ड मोबाइल पर एक मेसेज आ जायेगा जिसके एक 6 या 8 अंको का कोड होगा.
STEP 7. इस कोड को निचे के Enter OTP वाले बॉक्स में भरना है.
STEP 8. इसके बाद निचे स्थित बटन Validate & Download पर क्लिक करें.
आप जैसे ही इस बटन पर क्लिक करेंगे आपके मोबाइल या कंप्यूटर में आपके आधार का PDF फाइल डाउनलोड हो जायेगा.
*आपको बता दें की आपका ये PDF फाइल लॉक होगा एक पासवर्ड से और बिना इस पासवर्ड के आप इस PDF को ओपन नहीं कर सकते हैं. और आपका ये पासवर्ड आपके नाम और जन्म-वर्ष पर निर्भर करता है.
यानि की आपके नाम कर प्रथम 4 अक्षर कैपिटल लेटर में तथा आपका जन्म-वर्ष आपका पासवर्ड होगा. जैसे कि
PRAK2017
तो इस तरह आप काफी आसानी से अपना आधार कार्ड ऑनलाइन अपने मोबाइल या कंप्यूटर में डाउनलोड कर सकते हैं.
Ticet confirm
How To Book Confirm Tatkal Ticket From IRCTC In Hindi
Table of Contents [hide]
1 How To Book Confirm Tatkal Ticket From IRCTC In Hindi
1.1 IRCTC वॉलेट के लिए रजिस्ट्रेशन कैसे करें ?
1.2 क्या हैं IRCTC वॉलेट के फायदे ?
1.2.0.1 MUST READ THESE RELATED POSTS………
IRCTC Se Confirm Tatkal Ticket Kasie Book Karen
Hi Friends, यदि आप IRCTC से सफलतापूर्वक अपना तत्काल टिकेट बुक करना चाहते हैं तो ये पोस्ट आपके लिए काफी मददगार साबित होगी. इसलिए इस पोस्ट को आप अंत तक जरुर पढ़ें.
क्योंकि इस पोस्ट के बाद आप अपना तत्काल टिकेट IRCTC से सफलतापूर्वक बुक कर पाएंगे.
दोस्तों, ये कोई ऐसी शॉर्टकट ट्रिक नहीं है वल्कि अब IRCTC के द्वारा ही दी गयी एक नयी सुविधा है जिसका नाम है IRCTC वॉलेट.
जैसा कि आप सभी जानते हैं की IRCTC से तत्काल टिकेट बुक करते समय जिसमे हमें सबसे ज्यादा समय लगता है वो है इसके लिए पेमेंट करने में. ऐसे में जब हमें देर हो जाती है तो सारी टिकेट बुक हो जाती है और हमें कन्फर्म टिकेट नहीं मिल पाता है.
ऐसे में IRCTC ने एक नयी और बेहतरीन सुविधा का आरम्भ किया है … IRCTC वॉलेट.
IRCTC वॉलेट एक डिजिटल वॉलेट की तरह काम करेगा जिसका उपयोग आप पहले से इसमें पैसे रखने के लिए कर सकते हो.
यानि कि यदि आप पहले से ही इसमें पैसे रखोगे तो आपको टिकेट बुक करते समय आसानी होगी और जल्दी से पेमेंट कर आप अपना कन्फर्म तत्काल टिकेट बुक करवा सकते हो.
भारतीय रेलवे टिकटिंग सिस्टम यानी IRCTC यूजर्स को ऑनलाइन टिकट बुक करने की सुविधा प्रदान करता है.
आपको बता दें कि आप अभी इसका उपयोग सिर्फ IRCTC के मोबाइल एप्प IRCTC Rail Conncet पर ही कर सकते हैं तथा इसके लिए आपको रजिस्ट्रेशन इसके ऑफिसियल साईट पर जाकर करानी होगी.
IRCTC ने एक Tweet के माध्यम से इसकी जानकारी दी है जिसे आप निचे देख सकते हैं.
View image on Twitter


IRCTC
✔
@IRCTCofficial
IRCTC E-wallet users can book rail e-tickets through #IRCTC Rail Connect Android App also.
Download now! Just log on to https://www.irctc.co.in/
26
7:17 PM - Jun 5, 2018
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तो आइये जानते हैं कि आप किस प्रकार IRCTC वॉलेट का उपयोग कर सकते हैं.
इसके लिए आपको सबसे पहले रजिस्ट्रेशन कराना होगा जिसके लिए आप निचे के स्टेप्स को फॉलो कर सकते हैं.
IRCTC वॉलेट के लिए रजिस्ट्रेशन कैसे करें ?
STEP 1. सबसे पहले आप यहाँ क्लिक करके IRCTC के ऑफिसियल साईट पर विजिट करें.
IRCTC WEBSITE
STEP 2. इसके बाद अपने यूजर ID और पासवर्ड से लॉग इन कर लें और उसके बाद निचे के इमेज अनुसार IRCTC E-Wallet Section के अंतर्गत Register Now पर क्लिक करें

STEP 3. इसके बाद वेरिफिकेशन के लिए आपको अपना पैन नंबर या आधार नंबर सेलेक्ट कर इंटर करना है.

STEP 4. ये प्रोसेस करने के बाद आपको 50 रुपये का वन टाइम पेमेंट (इसमें टैक्स सम्मिलित नहीं है) करना होगा.
STEP 5. इसके बाद आप IRCTC वॉलेट में 100 रूपये से लेकर 10000 रूपये तक ऐड कर सकते हैं.
क्या हैं IRCTC वॉलेट के फायदे ?
इससे आपको ये फायदा होगा कि जब आप तत्काल टिकेट बुक कर रहे होंगे तो आप पेमेंट के लिए इसका उपयोग कर सकते हैं जो कि काफी फ़ास्ट होगा और अन्य लोगो से पहले आप पेमेंट कर अपना तत्काल टिकेट कन्फर्म कर सकते हैं.
आपको बता दें कि आप अपने IRCTC वॉलेट में 10000 रूपये तक ऐड करके रख सकते हैं ऐसे में जितने की टिकेट हो उतने पैसे या उससे अधिक भी आप अपने IRCTC वॉलेट में रख सकते हैं ताकि आपके लिए टिकेट बुक करना आसान हो जाये.

तो इस प्रकार आप सभी ने जाना कि किस प्रकार आप IRCTC वॉलेट का उपयोग कर काफी आसानी से अपना तत्काल टिकेट अपने मोबाइल के जरिये कन्फर्म बुक कर सकते हैं.
Mobile loan
Airtel, Jio, Idea, Vodafone, BSNL, Docomo का Loan Number या USSD Codes (In Hindi)
7 months ago3 Comments6 min read


Written by Prakash Kumar Nirala

Loan Nubers Of Airtel, Jio, Idea, Vodafone, BSNL, Docomo In Hindi
Table of Contents [hide]
1 Loan Nubers Of Airtel, Jio, Idea, Vodafone, BSNL, Docomo In Hindi
1.1 Loan Nubers Of Airtel, Jio, Idea, Vodafone, BSNL, Docomo In Hindi
1.1.1 Vodafone Loan Number क्या है ?
1.1.1.1 VODAFONE INTERNET LOAN NUMBER
1.1.2 Airtel Loan Number क्या है ?
1.1.2.1 AIRTEL INTERNET LOAN NUMBER
1.1.3 Idea Loan Number क्या है ?
1.1.4 Jio Loan Number क्या है ?
1.1.5 Aircel Loan Number क्या है ?
1.1.6 Docomo Loan Number क्या है.
1.1.7 Reliance Loan Number क्या है ?
Airtel, Jio, Idea, Vodafone, BSNL, Docomo Ka Loan Number Kya Hai
Hello Friends, क्या आपके साथ ऐसा होता है कि आपको किसी से महत्वपूर्ण कॉल करना हो और आपका बैलेंस ख़त्म हो चूका हो या फिर आपको इन्टरनेट पर कुछ महत्वपूर्ण चीज सर्च करना हो और आपका इन्टरनेट पैक ख़त्म हो चूका हो.

ऐसे में ये पोस्ट आपके लिए ये पोस्ट काफी मददगार साबित होने बाली है क्योंकि इस पोस्ट में मैं आप सभी को लगभग सभी सिम के वो USSD कोड्स बताऊंगा जिसके द्वारा आप काफी आसानी से बहुत कम समय में लोन ले सकते हैं टॉक टाइम का या फिर इन्टरनेट पैक का.
लगभग सभी टेलिकॉम कंपनी जैसे कि Airtel, Jio, Idea, Vodafone, BSNL, Docomo इत्यादि अपने यूजर को सुविधा देते हुए लोन लेने की सुविधा देता है ताकि एमरजेंसी में आप इसका उपयोग कर फायदा उठा सकें.
ऐसे में आपको ये जानना जरुरी है कि आखिर Airtel, Jio, Idea, Vodafone, BSNL, Docomo इत्यादि में टॉक टाइम लोन या इन्टरनेट पैक लोन कैसे ले सकते हैं.
आपको बता दें कि कोई भी टेलिकॉम कंपनी आपको लोन तब देती है जब आपको सिम में प्रयाप्त बैलेंस नहीं होता है और इसके साथ ही जब आप अपने सिम में रिचार्ज कर लेते हैं तो आपको लोन दिया हुआ पैसा कंपनी वापस काट लेती है और इसके साथ ही 20% एक्स्ट्रा भी.
ये जानकारी ले लेने के बाद आपको कभी भी किसी भी टेलिकॉम कंपनी जैसे Airtel, Jio, Idea, Vodafone, BSNL, Docomo से लोन लेने की जरुरत पड़ती हैं तो निचे दिए गए लोन नंबर से आप काफी आसानी से लोन ले सकते हैं.
तो आइये जानते हैं कि किस पारकर आप Airtel, Jio, Idea, Vodafone, BSNL, Docomo में लोन ले सकते हैं और इनके लोन नंबर और USSD Codes क्या हैं.
Loan Nubers Of Airtel, Jio, Idea, Vodafone, BSNL, Docomo In Hindi
बारी बारी से देखते हैं सभी टेलिकॉम कंपनी का लोन नंबर और लोन लेने की प्रोसेस को.
Vodafone Loan Number क्या है ?
वोडाफ़ोन में Talktime Loan लेने के लिए आप निचे के USSD Code को अपने फ़ोन में टाइप करें और प्रोसेस को फॉलो करें. इस प्रकार आपके वोडाफोन नंबर पर यदि बैलेंस नहीं है तो उस पर 5 रूपये का बैलेंस आ जायेगा जो बाद में जब आप रिचार्ज करवाएंगे तो 6 रूपये काट लिया जायेगा.
वोडाफोन के इस ऑफर को छोटा क्रेडिट के नाम से भी जाना जाता है.
*111*1*3#
इसके अलावे यदि आप चाहें तो SMS भेज कर भी टॉक टाइम लोन ले सकते हैं इसके लिए आपको अपने वोडाफोन नंबर से CREDIT लिखकर भेज देना होगा 144 पर.
इस प्रकार भी आप अपने वोडाफोन नंबर पर छोटा क्रेडिट का लोन ले सकते हैं.
VODAFONE INTERNET LOAN NUMBER
और अब यदि आप अपने वोडाफोन नंबर पर Internet Loan लेना कहते हैं तो उसके लिए आपको अपने फ़ोन में निचे का USSD Code टाइप करना होगा और कन्फर्म कर देना होगा. इस प्रकार आपके नंबर पर 30MB 3G डाटा दे दिया जायेगा. इसके अलावे आप SMS से भी इस ऑफर को ले सकते हैं उसके लिए आपको ICREDIT लिखकर 144 पर भेजना होगा. इसकी वैधता 1 दिने की होगी.
*111*1*3#
बताते चलें की जब आप अपने नंबर पर रिचार्ज करवा लेंगे तो आपके नंबर से ऊपर के इन्टरनेट पैक लोन के लिए 10 रूपये काट लिए जायेंगे.
तो ये थी वोडाफोन का लोन नंबर और USSD Code जिसके द्वारा आप लोन ले सकते हैं.
Airtel Loan Number क्या है ?
Airtel में Talktime Loan लेने के लिए आप निचे के USSD Code को अपने फ़ोन में टाइप करें और प्रोसेस को फॉलो करें. इस प्रकार आपके Airtel नंबर पर यदि बैलेंस नहीं है तो उस पर 10 रूपये का बैलेंस आ जायेगा जो बाद में जब आप रिचार्ज करवाएंगे तो 12 रूपये काट लिया जायेगा.
*141*10#
इसके अलावे यदि आप चाहें तो 52141 पर कॉल करके भी ये लोन ले सकते हैं.
AIRTEL INTERNET LOAN NUMBER
और अब यदि आप अपने Airtel नंबर पर Internet Loan लेना कहते हैं तो उसके लिए आपको अपने फ़ोन में निचे का USSD Code टाइप करना होगा और कन्फर्म कर देना होगा. इस प्रकार आपके नंबर पर 50MB 3G डाटा दे दिया जायेगा
*141*567#
बताते चलें की जब आप अपने नंबर पर रिचार्ज करवा लेंगे तो आपके नंबर से ऊपर के इन्टरनेट पैक लोन के लिए 15 रूपये काट लिए जायेंगे.
Idea Loan Number क्या है ?
अपने आईडिया नंबर से डायल करें…
Rs 4 Talk Time के लिए *444#
Rs 5 Talk Time के लिए *165*5#
Rs 10 Talk Time के लिए *150*10#
Rs 20 Talk Time के लिए *150*20#
ऊपर के कोड को अपनी जरूरत अनुसार इंटर करके अपने आईडिया सिम में आप लोन ले सकते हैं.
इसके अलावे आप आईडिया सीमे में इन्टरनेट लोन लेने के लिए डायल करें…
25MB 2G Data के लिए *150*06#
35MB 3G Data के लिए *150*333#
Jio Loan Number क्या है ?
आपको बता दें की जिओ अभी को भी लोन नहीं देती है इसलिए अभी इसका कोई भी लोन नंबर या USSD CODES नहीं है.
Aircel Loan Number क्या है ?
Aircel में 10 रूपये का टॉक टाइम लोन लेने के लिए आप डायल करें *414# या फिर आप 12880 पर कॉल भी कर सकते हैं.
इस प्रकार आपको 10 रूपये का टॉक टाइम लोन दे दिया जायेगा जिसके लिए आपको बाद में 12 रूपये चार्ज किये जायेंगे.
Docomo Loan Number क्या है.
अपने Docomo सिम में लोन लेने के लिए आप डायल करें *444# या *369# और इसके बाद अपने डोकोमो नंबर पर लोन ले सकत हैं अपनी जरुरत अनुसार.
Reliance Loan Number क्या है ?
यदि आप अपने Reliance नंबर पर लोन लेना चाहते हैं तो इसके लिए आप अपने फ़ोन से डायल कर सकते हैं *141*5# और इस प्रकार आपको 5 रूपये का लोन दिया जायेगा.
Rs 10 Talk Time के लिए आप अपने फ़ोन से डायल करें *141*10#

तो ये थी आपके लिए बेहतरीन जानकारी जिसके द्वारा आप किसी भी सिम में लोन नंबर के जरिये लोन ले सकते हैं.
आपको बता दें BSNL, Telenor Or Jio अभी तक कोई भी लोन नहीं देते हैं इस लिए आपको इसका कोई भी लोन नंबर नहीं मिलेगा.
आशा है आपको ये शानदार पोस्ट पसंद आई होगी.
All sim number inquiry
अपने एयरटेल, आइडिया, वोडाफोन, बीएसएनएल, डोकोमो, रिलायंस जियो सिम का नंबर कैसे पता करें
4 months ago6 Comments6 min read


Written by Prakash Kumar Nirala

How To check OWN mobile number on Airtel, Idea, Vodafone, BSNL, Docomo, Reliance Jio
Table of Contents [hide]
1 How To check OWN mobile number on Airtel, Idea, Vodafone, BSNL, Docomo, Reliance Jio
1.1 अपना खुद का मोबाइल नंबर कैसे देखें?
1.1.1 अपना खुद का फोन नंबर जानने के लिए:
1.1.2 एयरटेल मोबाइल नंबर क्या है?)
1.1.3 अपना आइडिया मोबाइल नंबर कैसे जांचें?
1.1.4 अपने बीएसएनएल मोबाइल नंबर की जांच कैसे करें?
1.1.5 वोडाफोन मोबाइल नंबर कैसे जांचें?
1.1.6 अपने टाटा डोकोमो फोन नंबर की जांच कैसे करें?
1.1.7 रिलायंस मोबाइल नंबर की जांच कैसे करें?
1.1.8 टेलीनॉर मोबाइल नंबर कैसे जांचें?
1.1.9 रिलायंस Jio मोबाइल नंबर की जांच कैसे करें?
1.2 सभी नेटवर्क के लिए यूएसएसडी कोड सूची अपना मोबाइल नंबर जांचने के लिए:
जब भी आप एक नया सिम कार्ड खरीदते हैं , तो आपको अपना मोबाइल नंबर याद रखने में समय लगता है. ऐसा होता है कि आपको अपना ही नंबर पता करने के लिए किसी को कॉल करना पड़ता है और उसके बाद आपको पता चल पता है की आपके सिम का नंबर ये है. लेकिन अगर आपके पास कॉल करने के लिए शेष राशि नहीं है तो फिर ये आपके लिए परेशानी बन जाती है.
तो आपके इसी परेशानी का हल लेकर मैं आप सभी के लिए ये बेहतरीन पोस्ट लेकर आया हूँ.
अब इसके बाद आप काफी आसानी से अपने सिम का नंबर पता कर सकते हैं चाहे आप किसी भी कंपनी का सिम उपयोग करते हों. आप इस के द्वारा एयरटेल, आइडिया, वोडाफोन, बीएसएनएल, टाटा डोकोमो, रिलायंस, टेलीनॉर और रिलायंस जिओ इत्यादि सभी सिम का अपना नंबर जान सकेंगे काफी आसानी से.
अपना खुद का मोबाइल नंबर कैसे देखें?
अधिकांश नेटवर्क प्रदाता एक यूएसएसडी सेवा प्रदान करते हैं , जिसका उपयोग आप अपने फोन नंबर की जांच के लिए कर सकते हैं. हालांकि, उनमें से सभी के पास एक ही यूएसएसडी कोड नहीं है. लेकिन वो कोड जो लगभग सभी में काम करता है वो आपको निचे दिया जा रहा है.
अपना खुद का फोन नंबर जानने के लिए:
फोन ऐप पर जाएं और डायल करें * 1 #
उस सिम से * 1 # डायल करें जिसका आप मोबाइल नंबर देखना चाहते हैं.
इस प्रकार आप काफी आसानी से अपना मोबाइल नंबर देख पाएंगे. क्योंकि
यूएसएसडी कोड को कॉल करने के बाद, यह संदेश पॉप अप हो जाता है.
यदि आपके सिम में यह कोड काम नहीं कर रहा है तो फिर आप इस पोस्ट को पढ़ते रहें क्योंकि यहाँ पर आपको इसका हल जरुर मिलेगा.
एयरटेल मोबाइल नंबर क्या है?)
अपने एयरटेल मोबाइल नंबर को जानने के लिए:
अपने एयरटेल मोबाइल पर* 1 # डायल करें
या निम्न यूएसएसडी कोडों में से किसी एक को डायल करें और अपनी खुद की एयरटेल फोन नंबर जानने के लिए अपनी स्क्रीन पर निर्देशों का पालन करें.
* 121 * 9 3 #
* 140 * 175
* 140 * 1600 #
* 282 #
* 400 * 2 * 1 * 10 #
* 141 * 123 #
अपना आइडिया मोबाइल नंबर कैसे जांचें?
अपना आइडिया फोन नंबर जानने के लिए:
अपने आइडिया मोबाइल फोन पर* 1 # डायल करें
या निम्न यूएसएसडी कोडों में से किसी एक को डायल करें और अपने आइडिया फोन नंबर को जानने के लिए स्क्रीन पर निर्देशों का पालन करें.
* 131 * 1 #
* 147 * 2 * 4 #
* 131 #
* 147 #
* 78 9 #
* 100 #
* 616 * 6 #
* 147 * 8 * 2 #
* 125 * 9 #
* 147 * 1 * 3 #
अपने बीएसएनएल मोबाइल नंबर की जांच कैसे करें?
बीएसएनएल फोन नंबर जानने के लिए,
अपने बीएसएनएल सिम के माध्यम से* 222 # डायल करें
वोडाफोन मोबाइल नंबर कैसे जांचें?
वोडाफोन मोबाइल नंबर जानने के लिए:
अपने वोडाफोन मोबाइल नंबर पर* 111 * 2 # डायल करें
या* 555 #, * 555 * 0 #, * 777 * 0 #, * 131 * 0 # डायल करें और स्क्रीन पर निर्देशों का पालन करें.
अपने टाटा डोकोमो फोन नंबर की जांच कैसे करें?
अपने टाटा डोकोमो फोन नंबर को जानने के लिए:
अपने टाटा डोकोमो मोबाइल पर * 1 # डायल करें
या* 124 #, * 580 # डायल करें और स्क्रीन पर निर्देश का पालन करें.
रिलायंस मोबाइल नंबर की जांच कैसे करें?
अपने रिलायंस मोबाइल नंबर को जानने के लिए:
अपने रिलायंस मोबाइल पर* 1 # या * 111 # डायल करें
टेलीनॉर मोबाइल नंबर कैसे जांचें?
अपने टेलीनॉर मोबाइल नंबर की जांच करने के लिए:
अपने टेलीनॉर मोबाइल नंबर पर* 1 # डायल करें
रिलायंस Jio मोबाइल नंबर की जांच कैसे करें?
बस Google play store से MyJio ऐप डाउनलोड करें और अपने मेल आईडी / नंबर के साथ पंजीकरण करें। जब भी आप मोबाइल नंबर भूल जाते हैं और अपना खुद का मोबाइल नंबर जानना चाहते हैं, तो आप MyJio ऐप खोल सकते हैं जहां आपका मोबाइल नंबर शीर्ष पर प्रदर्शित होता है.
सभी नेटवर्क के लिए यूएसएसडी कोड सूची अपना मोबाइल नंबर जांचने के लिए:
अब मैं आप सभी के लिए सबसे आसान सूचि बनाकर दे रहा हूँ ताकि आप इसके द्वारा काफी आसानी से अपना मोबाइल नंबर चेक कर सकें चाहे वो किसी भी नेटवर्क का हो.
मतलब ये कि अब आपको अपना मोबाइल नंबर जानने के लिए आपको किसी को कॉल नहीं करना होगा और नहीं आपके पास बैलेंस का होना भी जरुरी है.
दूरसंचार ऑपरेटर यूएसएसडी कोड
एयरटेल * 121 * 9 # या * 121 * 1 #
बीएसएनएल * 222 #
विचार * 131 * 1 # या * 121 * 4 * 6 * 2 #
एमटीएनएल * 8888 #
भरोसा * 1 # या * 111 #
टाटा डोकोमो * 1 # या * 124 #
वोडाफोन * 111 * 2 #
वीडियोकॉन * 1 #
टेलीनोर * 1 #
तो इस तरह हमें पूर्ण आशा है कि आपके लिए ये पोस्ट फायदेमंद रही होगी.
यदि हाँ तो इसे आप शेयर करके अपने कृतज्ञता दिखा सकते हैं.
धन्यवाद.
Computer shut down triks
Computer Shut Down करने के 6 तरीके (in Hindi)
3 days agoAdd Comment3 min read


Written by Mohit Negi

6 Ways to Shut Down Your Computer in Hindi
क्या आप आपने कंप्यूटर का उपयोग पूरी क्षमता से कर रहे हैं? क्या आप अब भी कंप्यूटर को पुराने (डिफ़ॉल्ट) तरीके से shutdown करते हैं? तो आज के इस लेख को पढ़ने के बाद आप कंप्यूटर को 6 तरीकों से शटडाउन करना जान चुके होंगें! जी हाँ इस लेख में हम आपको 6 सरल तरीके बताएंगे जिससे आप कंप्यूटर को नए अंदाज में शटडाउन कर सकते हैं।
आज ‘कंप्यूटर’ का उपयोग कार्यालय, दुकान, के साथ ही घरों में भी आसानी से देखा जा सकता है। इसलिए हमेशा एक कंप्यूटर उपयोगकर्ता कंप्यूटर का उपयोग क्षमतानुसार करने के लिए अनेक कंप्यूटर टिप्स तथा ट्रिक्स को गूगल पर खोजते हैं। इसी को देखते हुए आज के इस लेख में आप कंप्यूटर को शटडाउन करने के लिए उन 6 तरीकों के बारे में जानेंगें,जिनसे आप दैनिक जीवन में कंप्यूटर का उपयोग सरलतापूर्वक तथा तेजी से कर सकते हैं।

◆सबसे पहला तरीका कंप्यूटर को शटडाउन करने का यह है, कि कीबोर्ड से window बटन के साथ X key प्रेस कीजिये। औऱ आपके सामने कई सारे विकल्प show हो जाएंगे, आपको सबसे नीचे “shutdown or sign out “नामक ऑप्शन पर क्लिक करना है। बस इस तरह से आपका कंप्यूटर एक क्लिक कर शटडाउन हो जाएंगे।
◆कंप्यूटर शटडाउन करने का दूसरा अहम तरीका यूज़र लॉगआउट है। इसके लिए कीबोर्ड से window बटन के साथ L key प्रेस कीजिये,और कंप्यूटर से user लॉगआउट हो जाएगा। औऱ यहाँ से आप किसी नए एकाउंट से लॉगिन कर सकते हैं, लेकिन उसके साथ ही नीचे power off का आइकॉन है जिस पर क्लिक करने पर system शटडाउन हो जाएगा।

◆इसके अलावा हम कंप्यूटर को Cmd का इस्तेमाल कर शटडाउन कर सकते हैं। इसके लिए सबसे पहले window सर्च बार मे “command prompt” टाइप कर cmd ओपन कर लीजिए। तथा अब यहाँ shutdown-a कमांड टाइप कर enter प्रेस कीजिये। और इस तरह तीसरे तरीके की मदद से आपका सिस्टम शटडाउन हो जाएगा।
◆कंप्यूटर को shutdown करने का चौथा तरीका यह है कि आप कीबोर्ड से ctrl+alt+ Del key तीनों को एक साथ दबाने पर टास्क मैनेजर ओपन हो जाएगा तथा अब आप यहाँ नीचे power off आइकॉन पर क्लिक कर शटडाउन कर सकते हैं।

◆हमेशा कंप्यूटर ऑन करने समय window लोडिंग के बाद सबसे शुरू में वेलकम स्क्रीन दिखाई देती है, औऱ यहाँ से हम किसी एकाउंट में लॉगिन कर सकते हैं। इसके साथ ही दोस्तो नीचे कंप्यूटर को रीस्टार्ट, स्लीप मोड़ के साथ ही शटडाउन करने का भी ऑप्शन होता है,जिससे आप यहाँ से सिस्टम को सीधे शटडाउन कर सकते हैं।

◆कंप्यूटर शटडाउन करने की इस लिस्ट में अंतिम तरीका बताया गया है जिसे सिस्टम शटडाउन करने की डिफ़ॉल्ट विधि भी कह सकते हैं। जी हाँ कीबोर्ड से window बटन दबाने पर साइड में shutdown विकल्प पर क्लिक कर system को शटडाउन कर सकते हैं।
इस प्रकार आप ऊपर बताये गए 6 तरीकों की मदद से अपने कंप्यूटर को आसानी से shutdown कर सकते हैं।
दोस्तो! अगर यह पोस्ट आपको अच्छी लगी है, तो आप इस जानकारी को अपने मित्रों, रिश्तेदारों को whatsapp तथा फेसबुक पर शेयर कर बता सकते हैं। इसके साथ ही यदि आपका इस लेख से जुड़ा कोई सवाल या सुझाव है,तो आप हमें कमेंट कर बता सकते हैं।
Bijli bill online pay full infos
बिजली बिल ऑनलाइन कैसे भरें, उसकी जानकारी
1 month agoAdd Comment3 min read


Written by Mohit Negi

How To Pay Electricity Bill Online in Hindi
आज इंटरनेट के इस युग में डिजिटल इंडिया मिशन में लोगों द्वारा तेजी से सहयोग दिया जा रहा है। पिछले कुछ सालों से भारत मे तेजी से लोगों ने paytm, phone pe आदि apps का इस्तेमाल करऑनलाइन लेन-देन (transactions)करना शुरू कर दिया है। साल 2016 को भारतीय देश में इंटरनेट की क्रान्ति भी कह सकते हैं क्योंकि सितंबर में jio सिम लॉन्च होने के बाद भारत मे तेजी से इंटरनेट उयोगकर्ता की संख्या बढ़ी है। जिससे लोगों में online लेन-देन को लेकर जागरूकता फैली है।
आज online payment, ticket booking, billing आदि के लिए paytm सबसे लोकप्रिय app बन चुका है। paytm की शुरुवात “विजय शेखर शर्मा” जी द्वारा अगस्त 2010 में कई गई। paytm की शुरुवात एक online mobile recharge वेबसाइट से की गयी थी परन्तु आज यह भारत का payment bank बन चुका है। जिसकी मदद से हम आसानी से कहीं भी,कभी भी ऑनलाइन recharge तथा पैसे transfer कर सकते हैं। यदि आपने अब तक paytm से ऑनलाइन बिजली बिल की payment नहीं कि है तो आज के इस लेख को पढ़ने के बाद आप आसानी से अपना बिजली के बिल का भुगतान कर सकते हैं। क्योकि इस लेख में हम आपको सरल शब्दों में paytm द्वारा online बिजली बिल की पेमेंट कैसे करें? उसकी पूरी जानकारी दे रहे हैं।
बिजली बिल ऑनलाइन pay करने के लिए आपको नीचे दिए गए निर्देशों का पालन करना है।
सबसे पहले आपको स्मार्टफोन में paytm app को update कर लीजिए। यदि paytm app पहले से ही updated है तो आप इस app को open कर लीजिए।
paytm app ओपन करने के बाद अब नीचे electricity विकल्प पर tap कर लीजिए।

अब यहाँ electricity board पर tap कीजिये। तथा नीचे राज्य का नाम enter कीजिये।
अब यहाँ अपना electricity board select कर लीजिए।

अब यहाँ आपको location के आधार पर district type पर tap कर select कीजिये।
अब आप यहाँ पर consumer number टाइप कर लीजिए। consumer number को account id भी कहा जाता है यह 10 अंकों की account id आपके बिजली बिल में होगी।

अब proceed पर tap कोजिये। अब आपके सामने आपके account id की details show हो जाएगी जिसमें आपका consumsr name, address आदि show हो जाएगा। और नीचे आपका pay किया जाने वाला amount automatic show हो जाएगा।
अब बिल का भुगतान करने के लिए दो विकल्प हैं यदि आप सीधे paytm के पैसों से बिल pay करना चाहते हैं तो fast forward पर tap कर बिल का भुगतान कर सकते हैं।

इसके साथ ही यदि आप bank account से भुगतान करना चाहते हैं तो आप proceed to pay पर tap कीजिये। अब आप यहाँ have a promocode पर tap किजिये तथा सही promocode का चुनाव कर cashback प्राप्त कर सकते हैं।
उसके बाद proceed to pay पर tap कोजिये। अब यहाँ आप paytm wallet, bhim upi, नेटबैंकिंग, एटीएम कार्ड, क्रेडिट कार्ड आदि तरीकों से बिल का भुगतान कर सकते हैं। अब यहाँ आगे सही details को भरकर आप बिल pay कर सकते हैं।
हमें उम्मीद है आज का यह लेख बिजली बिल की online payment कैसे करें? आपके लिए उपयोगी साबित होगा। आप इस लेख से संबंधित अपने विचारों को comment कर बता सकते हैं।
Pan card full infos
वैसे तो PAN का फुल फॉर्म Permanent Account Number है जिसे हम हिंदी में स्थायी खाता संख्या भी कह सकते हैं. इंडिया में आप पैन कार्ड ऑनलाइन / ऑफ़लाइन बनबा सकते हैं. पहली बार, 12 जनवरी 1964 को पैन कार्ड जारी किया गया था जिसका उद्देश्य पहचान और आयकर विवरण की जानकारी रखना था.
पैन कार्ड नंबर कोड की एक विशेष संरचना के साथ डिजाइन किया गया है जो इंडिया के नागरिकों को प्रदान किया जाता है और हर एक व्यक्ति के लिए ये संख्या अलग अलग होती है.

वास्तव में, पैन केवल भारतीय नागरिकों तक ही सीमित नहीं है. यदि कोई विदेशी नागरिक भारत में अपना व्यवसाय स्थापित करने में रुचि रखता है या भारत में निवेश करना चाहता है, तो उसे भी पैन कार्ड प्राप्त करना होगा.
तो इस प्रकार आप सभी को इस पोस्ट में पैन कार्ड के बारे में पूरी जानकारी इस पोस्ट में दी जाएगी और साथ ही ये भी बताया जायेगा की पैन कार्ड के लिए आप ऑनलाइन या ऑफलाइन किस प्रकार अप्लाई कर सकते हैं.
आपको बताते चलें कि पैन कार्ड नंबर में उपयोग किए जाने वाले प्रत्येक चरित्र का एक विशेष अर्थ होता है जिनके बारे में पूरी जानकारी निचे है …
ट्रस्ट के लिए – टी का उपयोग किया जाता है
फर्मों के लिए, एफ का उपयोग किया जाता है
व्यक्तियों के शरीर के लिए – बी का उपयोग किया जाता है
सरकारी पहचान के लिए – जी का उपयोग किया जाता है
सीमित देयता भागीदारी – ई का उपयोग किया जाता है
व्यक्तिगत (मालिक) – पी का उपयोग किया जाता है
कृत्रिम न्यायिक व्यक्ति के लिए – जे का उपयोग किया जाता है
स्थानीय प्राधिकरण के लिए – एल का उपयोग किया जाता है
एचयूएफ (हिंदी अविभाजित परिवार) के लिए – एच का उपयोग किया जाता है
एक कंपनी के लिए – सी का उपयोग किया जाता है
एसोसिएशन ऑफ पर्सन (एओपी) – ए का उपयोग किया जाता है
लोग ज्यादातर पैन कार्ड के बारे में जो गूगल में खोज करते हैं वो है डुप्लिकेट पैन कार्ड ऑनलाइन, पैन कार्ड डाउनलोड, पैन कार्ड विवरण, पैन कार्ड आवेदन पत्र, यूटीआई पैन कार्ड, पैन कार्ड ऑनलाइन प्रिंट, पैन कार्ड सुधार फॉर्म और पैन कार्ड ऑनलाइन इत्यादि.
ऐसे में इस पोस्ट में मैं वो तरीके बताने की कोशिश करूँगा जो आपके लिए लाभदायक हो सकते हैं.

अब आइये जान लेते हैं कि यदि आप एक पैन कार्ड बनवाना चाहते हैं तो आपको कौन कौन से डॉक्यूमेंट चाहिए होंगे..
पैन कार्ड के लिए आवश्यक दस्तावेज?
पैन कार्ड ऑफ़लाइन और ऑनलाइन आवेदन करने के लिए आवश्यक दस्तावेजों की एक अप्रत्याशित रूप से लंबी सूची है. लेकिन, हमने आप सभी के काम को आसान बनाते हुए इसे तीन हिस्सों में विभाजित किया है –
(i) दस्तावेज जिन्हें पहचान के प्रमाण के रूप में माँगा जाता है.
(ii) दस्तावेज जिन्हें जन्म तिथि के सबूत के रूप में स्वीकार किया जाता है (iii) पते का सबूत के लिए जो दस्तावेज़ आपसे मांगे जाते हैं…
तो आइये अब बारी बारी से जानते हैं कि इन तीनों केटेगरी में कौन कौन से डॉक्यूमेंट आप सबमिट कर सकते हैं तो शुरुआत करते हैं पहले नंबर से..
(i) दस्तावेज जिन्हें पहचान के प्रमाण के रूप में माँगा जाता है.
आवेदक की तस्वीर के साथ पेंशनर कार्ड कॉपी
आधार कार्ड
पासपोर्ट, मतदाता पहचान पत्र।
केंद्र सरकार स्वास्थ्य योजना
आर्म का लाइसेंस
फोटो आईडी कार्ड जो केंद्र सरकार, राज्य सरकार या विश्वविद्यालय या कॉलेज जैसे सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम द्वारा जारी किया जाता है
ड्राइविंग लाइसेंस
आवेदक की तस्वीर वाले राशन कार्ड
एक अधिकृत भारतीय बैंक द्वारा जारी प्रमाण पत्र जिसे विधिवत प्रमाणित किया गया हो और उसमे आवेदक की फोटो और बैंक खाता संख्या शामिल हो.
(ii) दस्तावेज जिन्हें जन्म तिथि के सबूत के रूप में स्वीकार किया जाता है
व्यक्ति का पासपोर्ट
व्यक्ति के ड्राइविंग लाइसेंस
राज्य सरकार या भारत सरकार द्वारा जारी डोमिनिक सर्टिफिकेट (मूल निवास प्रमाण पत्र)
शपथ पत्र व्यक्ति के जन्म की तारीख का जिक्र करते हैं और मजिस्ट्रेट द्वारा अंडरसाइंड किया गया शपथ पत्र जिसमे पत्र व्यक्ति के जन्म की तारीख का उल्लेख हो.
भारतीय वाणिज्य दूतावास द्वारा जारी जन्म प्रमाण पत्र
व्यक्ति का आधार कार्ड
विवाह रजिस्ट्रार के आधिकारिक द्वारा जारी विवाह प्रमाण पत्र
एक मान्यता प्राप्त बोर्ड से मैट्रिक प्रमाण पत्र
(iii) पते का सबूत के लिए जो दस्तावेज़ आपसे मांगे जाते हैं…
बैंक खाते के विवरण
संपत्ति पंजीकरण दस्तावेज
केंद्रीय या राज्य सरकार द्वारा तीन साल से अधिक की आयु द्वारा जारी आवास का आवंटन पत्र
एक तस्वीर युक्त मतदाता पहचान पत्र
ड्राइविंग लाइसेंस
क्रेडिट कार्ड के विवरण
ब्रॉडबैंड कनेक्शन के लिए बिल
सरकार द्वारा आवंटित निवास प्रमाण पत्र
संपत्ति कर आकलन के लिए नवीनतम आदेश
आवेदक के पते वाले डाकघर खाते की पासबुक
पति / पत्नी का पासपोर्ट
पासपोर्ट
आधार कार्ड
लैंडलाइन कनेक्शन बिल
बिजली बिल इत्यादि
पैन कार्ड के लिए आवेदन कैसे करें? नया पैन कार्ड आवेदन पत्र
चरण 1: आप दोनों में से किसी एक की आधिकारिक वेबसाइट पर जा सकते हैं। यहां, www.nsdl.co.in नेशनल सिक्योरिटीज डिपॉजिटरी लिमिटेड की आधिकारिक वेबसाइट है. और, www.utiitsl.com यूटीआई इंफ्रास्ट्रक्चर टेक्नोलॉजी एंड सर्विसेज लिमिटेड की आधिकारिक वेबसाइट है. या आप डायरेक्टली चरण 2 में दिए गए लिंक का उपयोग करके इसके पेज पर जा सकते हैं.
चरण 2: आधिकारिक वेबसाइट पर उपर्युक्त लिंक पर क्लिक करने के बाद, आपको एक यूआरएल – https://www.onlineservices.nsdl.com/paam/endUserRegisterContact.html पर रीडायरेक्ट कर दिया जाएगा. यहाँ पर आपको दो विकल्प हैं, ऑनलाइन और पंजीकृत उपयोगकर्ता के लिए. यदि आप पहली बार इसके लिए अप्लाई कर रहे हैं तो Apply Online पर क्लिक करें. उसके बाद आपको निचे के बॉक्स से जो कुछ भी पूछा जा रहा है उसे सही सही भरें और उसके बाद सबमिट पर क्लिक कर दें.

चरण 3: अब सबसे महत्वपूर्ण कदम अर्थात दस्तावेज़ों का सबमिशन आता है, जिसके बारे में आपने ऊपर ही पढ़ लिया है. अब, यहाँ तीन प्रमुख तरीकों से डॉक्यूमेंट को दे सकते हैं.
या तो आप सभी दस्तावेज़ों को एनएसडीएल कार्यालय में भौतिक रूप से जमा कर सकते हैं. दूसरा विकल्प एनएसडीएल वेबसाइट पर ऑनलाइन दस्तावेजों को स्कैन और अपलोड करना है. और, तीसरा और सबसे आसान है अपने आधार संख्या प्रदान करना और शेष दस्तावेज स्वचालित रूप से आधार आईडी के माध्यम से एनएसडीएल द्वारा सत्यापित किए जाएंगे.
चरण 4: यदि आप केवल आधार कार्ड के साथ जाना चुनते हैं, तो आपको केवल ओटीपी (वन टाइम पासवर्ड) और डायरेक्ट पेमेंट विकल्प से गुजरना होगा.
चरण 5: अब आपको पहचान के सबूत, पते का प्रमाण या आयु का प्रमाण या जन्म तिथि के रूप में सबमिट किए गए दस्तावेजों का चयन करना होगा. अगला कदम ऑनलाइन भुगतान करना है. भारतीय नागरिकों द्वारा ऑनलाइन 120 रुपये का भुगतान करना होगा. सफलतापूर्वक ऑनलाइन भुगतान करने के बाद, आपको एक ईमेल भेजा जाएगा जिसमें आपको पूरी जानकारी दी जाएगी जिसके द्वारा आप अपने पैन कार्ड को ट्रैक कर सकते हैं.
Sort keys
आज कंप्यूटर के इस युग मे हम घर बैठे अनेक कार्य आसानी तथा तेजी से कर सकते हैं। आज कंप्यूटर का उपयोग घर तथा ऑफिस दोनों जगह किया जाता है जिसकी मदद से हम इंटरनेट की सहायता से मनोरंजन, ज्ञान तथा विविध प्रकार की जानकारियां मात्र एक click कर प्राप्त कर सकते हैं। क्याआप भी रोजाना घर हो या ऑफिस कंप्यूटर का इस्तेमाल करते हैं तो आज के इस लेख को ध्यान से समझना चाहिये क्योंकि इस लेख में हम आपको 15 उपयोगी keyboard shortcut keys बता रहे हैं।
जैसा कि हम सभी जानते हैं कि keyboard कंप्यूटर का एक प्रमुख अंग माना जाता है। इसलिए यदि आप एक computer user हैं तो यह शॉर्टकट keys आपके लिए काफी उपयोगी साबित हो सकती है। इन shortcut keys का उपयोग कर आप अपने कार्य को सरल तथा तेज बना सकते हैं।
YouTube Videos को बैकग्राउंड में कैसे चलायें
IP Address क्या है? कैसे पता करें?
Android क्या है? उसकी पूरी जानकारी!
TECH: 18+ Android Facts in Hindi | Android के 18 मजेदार तथ्य
Mp3 Songs में अपना फोटो कैसे लगाएं | Song Tricks in Hindi
WhatsApp में Blank Text कैसे भेजें | WhatsApp Tricks in Hindi
यहाँ हम आपको जिन shortcut keys के बारे में बताने जा रहे हैं हो सकता है आप कुछ शॉर्टकट keys का उपयोग पहले से जानते हैं। परंतु यदि आप नही जानते तो आपको इन keyboard shortcut keys के बारे में जरूर पता होना चाहिए।
CTRL+Z = Undo
यदि आप नियमित रूप से कंप्यूटर का इस्तेमाल करते हैं तो आप कभी-कभी किसी text या software में एडिटिंग करते समय उस कार्य को एक step पीछे ला सकते हैं। यह आप keyboard में ctrl के साथ X key press कर आसानी से कर सकते हैं।
CTRL+X = cut
यदि आपको किसी text, image या file आदि को copy नहीं बल्कि cut करना है। तो आप ctrl+X keys का उपयोग कर सकते हैं। हम cut की गई file को केवल एक बार ही एक स्थान से दूसरे स्थान पर paste कर move कर सकते हैं। जबकि copy करने पर हम किसी file या text आदि को अनेक बार paste कर सकते हैं।
copy paste in computer
इसके अलावा किसी text, file आदि को copy करने के लिए आप keyboard में ctrl+C keys का उपयोग कर सकते हैं। और उस copy किये गए text को paste करने के लिए आप ctrl+V press कर लीजिए।
open my computer
जैसा कि हम जानते हैं my computer बेहद उपयोगी फ़ीचर होता है। आप keyboard से window button के साथ E press कर सीधे my computer open कर सकते हैं।
open Run command
run command की मदद से हम कंप्यूटर में मौजूद अनेक fetaures का इस्तेमाल कर सकते हैं। Run command को open करने के लिए हमें window button के साथ R key press करनी होगी। यहाँ हम आपको कंप्यूटर में मौजूद कुछ उपयोगी फ़ीचर्स के बारे मे बता रहे हैं जिन्हें हम run command की मदद से ओपन कर सकते हैं।
open control command=control
open calculator=calc
open ms-paint=mspaint
open cmd prompt=cmd
open window media player=wmplayer
Minimize window
keyboard से window के साथ M key press करने पर आप जिस भी app पर कार्य कर रहे है, window minimize हो जाएगी तथा आप सीधे desktop पर पहुँच जाएंगे।
close programme
यदि आप किसी window या app पर कार्य कर रहे हैं और उसे close करना चाहते हैं तो इसके लिए कीबोर्ड से alt key के साथ F4 key दबाने पर आप किसी app को सीधे बंद कर सकते हैं।
back&forward arrow’s
जिस प्रकार mouse की मदद से आप किसी app में एक step आगे या पीछे करने के लिए ऊपर arrow key’s पर क्लिक करते हैं। उसी प्रकार आप keyboard में alt key के साथ right तथा left arrow को दबाकर इसका उपयोग कर सकते हैं।
use home&end key
कीबोर्ड से ctrl के साथ home keys दबाने पर आप किसी document के top( शुरुवात ) पर पहुँच जाएंगे। औऱ इसके साथ ही ctrl+end key दबाने पर documemt में सबसे नीचे पहुँच जाएंगे।
ctrl+A
किसी folder में मौजूद files, document या page में पूरा text select करने के लिए ctrl के साथ A key का इस्तेमाल कर सकते हैं।
ctrl+W
वर्तमान window या किसी file को बंद करने के लिए keyboard से ctrl key के साथ W press कर सकते हैं।
open file
winword, excel आदि किसी app में कार्य करते हुए यदि हमें कोई file open करनी है तो ctrl के साथ O key दबाकर आसानी से कर सकते हैं।इसके साथ ही किसी file को save करने के लिये ctrl के साथ s key का उपयोग कर सकते हैं।
F5
browsing करते समय यदि आपको किसी page को reload करना हो तो आप F5 key press कर सकते हैं।
ctrl+T
ब्राउज़िंग करते समय यदि आपको नया tab open करना है तो ctrl key के साथ T press कर सकते हैं।
alt+Tab
यदि आप एक open किये गए किसी app से दूसरे app पर सीधे पहुँचना चाहते हैं तो इसके लिए alt key के साथ tab key दबा सकते हैं।
हमें उम्मीद है आज का यह लेख आपके लिए उपयोगी होगा यदि आपका इस लेख से संबंधित कोई सवाल या सुझाव है तो आप बेहिचक नीचे comment कर सकते हैं।
All toll free number
List Of All Important Toll-Free Numbers in Hindi !
Hindi Me Sabhi Mahatvpurn Toll-Free Numbers Ki List !
List Of Airlines Toll-Free Numbers (एयरलाइन्स का टोल फ्री नंबर लिस्ट )
Indian Airlines (इंडियन एयरलाइन्स) >> 1800 180 1407
Jet Airways (जेट एयरवेज) >> 1800 225 522
Spice Jet (स्पाइस जेट) >> 1800 180 3333
Air India (एयर इंडिया) >> 1800 227 722
Kingfisher (किंगफ़िशर) >> 1800 180 0101
List Of Banks Toll-Free Numbers (बैंक का Toll-Free Numbers)
ABN AMRO (ए बी एन अमरो) >> 1800 112 224
Canara Bank (कैनरा बैंक) >> 1800 446 000
Citibank (सिटी बैंक) >> 1800 442 265
Corporation Bank (कॉर्पोरेशन बैंक) >> 1800 443 555
Development Credit Bank (डेवेलपमेंट क्रेडिट बैंक) >> 1800 225 769
HDFC Bank (एच डी एफ सी बैंक) >> 1800 227 227
ICICI Bank (आई सी आई सी आई बैंक) >> 1800 333 499
ICICI Bank NRI (आई सी आई सी आई बैंक एन आर आई) >> 1800 224 848
IDBI Bank (आई डी बी आई बैंक) >> 1800 116 999
Indian Bank (इंडियन बैंक) >> 1800 425 1400
ING Vysya (आई एन जी वयस्य) >> 1800 449 900
Kotak Mahindra Bank (कोटक महिन्द्रा बैंक) >> 1800 226 022
Lord Krishna Bank (लार्ड कृष्णा बैंक) >> 1800 112 300
Punjab National Bank (पंजाब नेशनल बैंक) >> 1800 122 222
State Bank of India (भारतीय स्टेट बैंक) >> 1800 441 955
Syndicate Bank (सिंडिकेट बैंक) >> 1800 446 655
Union Bank Of India (यूनियन बैंक ऑफ़ इंडिया) >> 1800 222 244
List Of Automobiles Toll-Free Numbers (ऑटोमोबाइल का Toll-Free Numbers)
Mahindra Scorpio (महिन्द्रा स्कॉर्पियो) >> 800 226 006
Maruti (मारुती) >> 1800 111 515
Tata Motors (टाटा मोटर्स) >> 1800 255 52
Windshield Experts (विंडशील्ड एक्सपर्ट्स) >> 1800 113 636
List Of Computers / IT Toll-Free Numbers (कंप्यूटर / आई टी का Toll-Free Numbers)
Adrenalin (एड्रेनैलिन) >> 1800 444 445
AMD (ए एम डी) >> 1800 425 6664
Apple Computers (एप्पल कंप्यूटर) >> 1800 444 683
Canon (कैनन) >> 1800 333 366
Cisco Systems (सिस्को सिस्टम्स) >> 1800 221 777
HP (एच पी) >> 1800 444 999
Data One Broadband (डाटा वन ब्रॉडबैंड) >> 1800 424 1800
Dell (डैल) >> 1800 444 026
Epson (एप्सन) >> 1800 44 0011
eSys (इसिस) >> 3970 0011
HCL (एच सी एल) >> 1800 180 8080
IBM (आई बी एम) >> 1800 443 333
Lexmark (लेक्समार्क) >> 1800 22 4477
Marshal’s Point (मार्शल’स पॉइंट) >> 1800 33 4488
Microsoft (माइक्रोसॉफ्ट) >> 1800 111 100
TVS Electronics (टी भी एस इलेक्ट्रॉनिक) >> 1800 444 566
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List Of Indian Railways Toll-Free Numbers (इंडियन रेलवे का टोल फ्री नंबर लिस्ट)
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List Of Couriers / Packers & Movers Toll-Free Numbers (कूरियर/पैकर & मूवर्स का Toll-Free Numbers)
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Aiwa/Sony (एवा/सोनी) >> 1800 111 188
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Bose Audio (बोस ऑडियो) >> 112 673
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Kotak Mutual Fund (कोटक म्यूच्यूअल फण्ड) >> 1800 222 626
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SBI Mutual Fund (एस बी आई म्यूच्यूअल फण्ड) >> 1800 223 040
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Sita Tours (सीता टूर्स) >> 1800 111 911
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Rudraksha (रुद्राक्ष) >> 1800 21 4708
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Reliance (रिलायंस) >> 18002009001,
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कविता मधुशाला
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मधुशाला
मृदु भावों के अंगूरों की आज बना लाया हाला,
प्रियतम, अपने ही हाथों से आज पिलाऊँगा प्याला,
पहले भोग लगा लूँ तेरा फिर प्रसाद जग पाएगा,
सबसे पहले तेरा स्वागत करती मेरी मधुशाला।।१।
प्यास तुझे तो, विश्व तपाकर पूर्ण निकालूँगा हाला,
एक पाँव से साकी बनकर नाचूँगा लेकर प्याला,
जीवन की मधुता तो तेरे ऊपर कब का वार चुका,
आज निछावर कर दूँगा मैं तुझ पर जग की मधुशाला।।२।
प्रियतम, तू मेरी हाला है, मैं तेरा प्यासा प्याला,
अपने को मुझमें भरकर तू बनता है पीनेवाला,
मैं तुझको छक छलका करता, मस्त मुझे पी तू होता,
एक दूसरे की हम दोनों आज परस्पर मधुशाला।।३।
भावुकता अंगूर लता से खींच कल्पना की हाला,
कवि साकी बनकर आया है भरकर कविता का प्याला,
कभी न कण-भर खाली होगा लाख पिएँ, दो लाख पिएँ!
पाठकगण हैं पीनेवाले, पुस्तक मेरी मधुशाला।।४।
मधुर भावनाओं की सुमधुर नित्य बनाता हूँ हाला,
भरता हूँ इस मधु से अपने अंतर का प्यासा प्याला,
उठा कल्पना के हाथों से स्वयं उसे पी जाता हूँ,
अपने ही में हूँ मैं साकी, पीनेवाला, मधुशाला।।५।
मदिरालय जाने को घर से चलता है पीनेवला,
'किस पथ से जाऊँ?' असमंजस में है वह भोलाभाला,
अलग-अलग पथ बतलाते सब पर मैं यह बतलाता हूँ -
'राह पकड़ तू एक चला चल, पा जाएगा मधुशाला।'। ६।
चलने ही चलने में कितना जीवन, हाय, बिता डाला!
'दूर अभी है', पर, कहता है हर पथ बतलानेवाला,
हिम्मत है न बढूँ आगे को साहस है न फिरुँ पीछे,
किंकर्तव्यविमूढ़ मुझे कर दूर खड़ी है मधुशाला।।७।
मुख से तू अविरत कहता जा मधु, मदिरा, मादक हाला,
हाथों में अनुभव करता जा एक ललित कल्पित प्याला,
ध्यान किए जा मन में सुमधुर सुखकर, सुंदर साकी का,
और बढ़ा चल, पथिक, न तुझको दूर लगेगी मधुशाला।।८।
मदिरा पीने की अभिलाषा ही बन जाए जब हाला,
अधरों की आतुरता में ही जब आभासित हो प्याला,
बने ध्यान ही करते-करते जब साकी साकार, सखे,
रहे न हाला, प्याला, साकी, तुझे मिलेगी मधुशाला।।९।
सुन, कलकल़ , छलछल़ मधुघट से गिरती प्यालों में हाला,
सुन, रूनझुन रूनझुन चल वितरण करती मधु साकीबाला,
बस आ पहुंचे, दुर नहीं कुछ, चार कदम अब चलना है,
चहक रहे, सुन, पीनेवाले, महक रही, ले, मधुशाला।।१०।
जलतरंग बजता, जब चुंबन करता प्याले को प्याला,
वीणा झंकृत होती, चलती जब रूनझुन साकीबाला,
डाँट डपट मधुविक्रेता की ध्वनित पखावज करती है,
मधुरव से मधु की मादकता और बढ़ाती मधुशाला।।११।
मेंहदी रंजित मृदुल हथेली पर माणिक मधु का प्याला,
अंगूरी अवगुंठन डाले स्वर्ण वर्ण साकीबाला,
पाग बैंजनी, जामा नीला डाट डटे पीनेवाले,
इन्द्रधनुष से होड़ लगाती आज रंगीली मधुशाला।।१२।
हाथों में आने से पहले नाज़ दिखाएगा प्याला,
अधरों पर आने से पहले अदा दिखाएगी हाला,
बहुतेरे इनकार करेगा साकी आने से पहले,
पथिक, न घबरा जाना, पहले मान करेगी मधुशाला।।१३।
लाल सुरा की धार लपट सी कह न इसे देना ज्वाला,
फेनिल मदिरा है, मत इसको कह देना उर का छाला,
दर्द नशा है इस मदिरा का विगत स्मृतियाँ साकी हैं,
पीड़ा में आनंद जिसे हो, आए मेरी मधुशाला।।१४।
जगती की शीतल हाला सी पथिक, नहीं मेरी हाला,
जगती के ठंडे प्याले सा पथिक, नहीं मेरा प्याला,
ज्वाल सुरा जलते प्याले में दग्ध हृदय की कविता है,
जलने से भयभीत न जो हो, आए मेरी मधुशाला।।१५।
बहती हाला देखी, देखो लपट उठाती अब हाला,
देखो प्याला अब छूते ही होंठ जला देनेवाला,
'होंठ नहीं, सब देह दहे, पर पीने को दो बूंद मिले'
ऐसे मधु के दीवानों को आज बुलाती मधुशाला।।१६।
धर्मग्रन्थ सब जला चुकी है, जिसके अंतर की ज्वाला,
मंदिर, मसजिद, गिरिजे, सब को तोड़ चुका जो मतवाला,
पंडित, मोमिन, पादिरयों के फंदों को जो काट चुका,
कर सकती है आज उसी का स्वागत मेरी मधुशाला।।१७।
लालायित अधरों से जिसने, हाय, नहीं चूमी हाला,
हर्ष-विकंपित कर से जिसने, हा, न छुआ मधु का प्याला,
हाथ पकड़ लज्जित साकी को पास नहीं जिसने खींचा,
व्यर्थ सुखा डाली जीवन की उसने मधुमय मधुशाला।।१८।
बने पुजारी प्रेमी साकी, गंगाजल पावन हाला,
रहे फेरता अविरत गति से मधु के प्यालों की माला'
'और लिये जा, और पीये जा', इसी मंत्र का जाप करे'
मैं शिव की प्रतिमा बन बैठूं, मंदिर हो यह मधुशाला।।१९।
बजी न मंदिर में घड़ियाली, चढ़ी न प्रतिमा पर माला,
बैठा अपने भवन मुअज्ज़िन देकर मस्जिद में ताला,
लुटे ख़जाने नरपितयों के गिरीं गढ़ों की दीवारें,
रहें मुबारक पीनेवाले, खुली रहे यह मधुशाला।।२०।
बड़े बड़े परिवार मिटें यों, एक न हो रोनेवाला,
हो जाएँ सुनसान महल वे, जहाँ थिरकतीं सुरबाला,
राज्य उलट जाएँ, भूपों की भाग्य सुलक्ष्मी सो जाए,
जमे रहेंगे पीनेवाले, जगा करेगी मधुशाला।।२१।
सब मिट जाएँ, बना रहेगा सुन्दर साकी, यम काला,
सूखें सब रस, बने रहेंगे, किन्तु, हलाहल औ' हाला,
धूमधाम औ' चहल पहल के स्थान सभी सुनसान बनें,
जगा करेगा अविरत मरघट, जगा करेगी मधुशाला।।२२।
भुरा सदा कहलायेगा जग में बाँका, मदचंचल प्याला,
छैल छबीला, रसिया साकी, अलबेला पीनेवाला,
पटे कहाँ से, मधु औ' जग की जोड़ी ठीक नहीं,
जग जर्जर प्रतिदन, प्रतिक्षण, पर नित्य नवेली मधुशाला।।२३।
बिना पिये जो मधुशाला को बुरा कहे, वह मतवाला,
पी लेने पर तो उसके मुह पर पड़ जाएगा ताला,
दास द्रोहियों दोनों में है जीत सुरा की, प्याले की,
विश्वविजयिनी बनकर जग में आई मेरी मधुशाला।।२४।
हरा भरा रहता मदिरालय, जग पर पड़ जाए पाला,
वहाँ मुहर्रम का तम छाए, यहाँ होलिका की ज्वाला,
स्वर्ग लोक से सीधी उतरी वसुधा पर, दुख क्या जाने,
पढ़े मर्सिया दुनिया सारी, ईद मनाती मधुशाला।।२५।
एक बरस में, एक बार ही जगती होली की ज्वाला,
एक बार ही लगती बाज़ी, जलती दीपों की माला,
दुनियावालों, किन्तु, किसी दिन आ मदिरालय में देखो,
दिन को होली, रात दिवाली, रोज़ मनाती मधुशाला।।२६।
नहीं जानता कौन, मनुज आया बनकर पीनेवाला,
कौन अपिरिचत उस साकी से, जिसने दूध पिला पाला,
जीवन पाकर मानव पीकर मस्त रहे, इस कारण ही,
जग में आकर सबसे पहले पाई उसने मधुशाला।।२७।
बनी रहें अंगूर लताएँ जिनसे मिलती है हाला,
बनी रहे वह मिटटी जिससे बनता है मधु का प्याला,
बनी रहे वह मदिर पिपासा तृप्त न जो होना जाने,
बनें रहें ये पीने वाले, बनी रहे यह मधुशाला।।२८।
सकुशल समझो मुझको, सकुशल रहती यदि साकीबाला,
मंगल और अमंगल समझे मस्ती में क्या मतवाला,
मित्रों, मेरी क्षेम न पूछो आकर, पर मधुशाला की,
कहा करो 'जय राम' न मिलकर, कहा करो 'जय मधुशाला'।।२९।
सूर्य बने मधु का विक्रेता, सिंधु बने घट, जल, हाला,
बादल बन-बन आए साकी, भूमि बने मधु का प्याला,
झड़ी लगाकर बरसे मदिरा रिमझिम, रिमझिम, रिमझिम कर,
बेलि, विटप, तृण बन मैं पीऊँ, वर्षा ऋतु हो मधुशाला।।३०।
तारक मणियों से सज्जित नभ बन जाए मधु का प्याला,
सीधा करके भर दी जाए उसमें सागरजल हाला,
मत्त समीरण साकी बनकर अधरों पर छलका जाए,
फैले हों जो सागर तट से विश्व बने यह मधुशाला।।३१।
अधरों पर हो कोई भी रस जिहवा पर लगती हाला,
भाजन हो कोई हाथों में लगता रक्खा है प्याला,
हर सूरत साकी की सूरत में परिवर्तित हो जाती,
आँखों के आगे हो कुछ भी, आँखों में है मधुशाला।।३२।
पौधे आज बने हैं साकी ले ले फूलों का प्याला,
भरी हुई है जिसके अंदर पिरमल-मधु-सुरिभत हाला,
माँग माँगकर भ्रमरों के दल रस की मदिरा पीते हैं,
झूम झपक मद-झंपित होते, उपवन क्या है मधुशाला!।३३।
प्रति रसाल तरू साकी सा है, प्रति मंजरिका है प्याला,
छलक रही है जिसके बाहर मादक सौरभ की हाला,
छक जिसको मतवाली कोयल कूक रही डाली डाली
हर मधुऋतु में अमराई में जग उठती है मधुशाला।।३४।
मंद झकोरों के प्यालों में मधुऋतु सौरभ की हाला
भर भरकर है अनिल पिलाता बनकर मधु-मद-मतवाला,
हरे हरे नव पल्लव, तरूगण, नूतन डालें, वल्लरियाँ,
छक छक, झुक झुक झूम रही हैं, मधुबन में है मधुशाला।।३५।
साकी बन आती है प्रातः जब अरुणा ऊषा बाला,
तारक-मणि-मंडित चादर दे मोल धरा लेती हाला,
अगणित कर-किरणों से जिसको पी, खग पागल हो गाते,
प्रति प्रभात में पूर्ण प्रकृति में मुखिरत होती मधुशाला।।३६।
उतर नशा जब उसका जाता, आती है संध्या बाला,
बड़ी पुरानी, बड़ी नशीली नित्य ढला जाती हाला,
जीवन के संताप शोक सब इसको पीकर मिट जाते
सुरा-सुप्त होते मद-लोभी जागृत रहती मधुशाला।।३७।
अंधकार है मधुविक्रेता, सुन्दर साकी शशिबाला
किरण किरण में जो छलकाती जाम जुम्हाई का हाला,
पीकर जिसको चेतनता खो लेने लगते हैं झपकी
तारकदल से पीनेवाले, रात नहीं है, मधुशाला।।३८।
किसी ओर मैं आँखें फेरूँ, दिखलाई देती हाला
किसी ओर मैं आँखें फेरूँ, दिखलाई देता प्याला,
किसी ओर मैं देखूं, मुझको दिखलाई देता साकी
किसी ओर देखूं, दिखलाई पड़ती मुझको मधुशाला।।३९।
साकी बन मुरली आई साथ लिए कर में प्याला,
जिनमें वह छलकाती लाई अधर-सुधा-रस की हाला,
योगिराज कर संगत उसकी नटवर नागर कहलाए,
देखो कैसों-कैसों को है नाच नचाती मधुशाला।।४०।
वादक बन मधु का विक्रेता लाया सुर-सुमधुर-हाला,
रागिनियाँ बन साकी आई भरकर तारों का प्याला,
विक्रेता के संकेतों पर दौड़ लयों, आलापों में,
पान कराती श्रोतागण को, झंकृत वीणा मधुशाला।।४१।
चित्रकार बन साकी आता लेकर तूली का प्याला,
जिसमें भरकर पान कराता वह बहु रस-रंगी हाला,
मन के चित्र जिसे पी-पीकर रंग-बिरंगे हो जाते,
चित्रपटी पर नाच रही है एक मनोहर मधुशाला।।४२।
घन श्यामल अंगूर लता से खिंच खिंच यह आती हाला,
अरूण-कमल-कोमल कलियों की प्याली, फूलों का प्याला,
लोल हिलोरें साकी बन बन माणिक मधु से भर जातीं,
हंस मत्त होते पी पीकर मानसरोवर मधुशाला।।४३।
हिम श्रेणी अंगूर लता-सी फैली, हिम जल है हाला,
चंचल नदियाँ साकी बनकर, भरकर लहरों का प्याला,
कोमल कूर-करों में अपने छलकाती निशिदिन चलतीं,
पीकर खेत खड़े लहराते, भारत पावन मधुशाला।।४४।
धीर सुतों के हृदय रक्त की आज बना रक्तिम हाला,
वीर सुतों के वर शीशों का हाथों में लेकर प्याला,
अति उदार दानी साकी है आज बनी भारतमाता,
स्वतंत्रता है तृषित कालिका बलिवेदी है मधुशाला।।४५।
दुतकारा मस्जिद ने मुझको कहकर है पीनेवाला,
ठुकराया ठाकुरद्वारे ने देख हथेली पर प्याला,
कहाँ ठिकाना मिलता जग में भला अभागे काफिर को?
शरणस्थल बनकर न मुझे यदि अपना लेती मधुशाला।।४६।
पथिक बना मैं घूम रहा हूँ, सभी जगह मिलती हाला,
सभी जगह मिल जाता साकी, सभी जगह मिलता प्याला,
मुझे ठहरने का, हे मित्रों, कष्ट नहीं कुछ भी होता,
मिले न मंदिर, मिले न मस्जिद, मिल जाती है मधुशाला।।४७।
सजें न मस्जिद और नमाज़ी कहता है अल्लाताला,
सजधजकर, पर, साकी आता, बन ठनकर, पीनेवाला,
शेख, कहाँ तुलना हो सकती मस्जिद की मदिरालय से
चिर विधवा है मस्जिद तेरी, सदा सुहागिन मधुशाला।।४८।
बजी नफ़ीरी और नमाज़ी भूल गया अल्लाताला,
गाज गिरी, पर ध्यान सुरा में मग्न रहा पीनेवाला,
शेख, बुरा मत मानो इसको, साफ़ कहूँ तो मस्जिद को
अभी युगों तक सिखलाएगी ध्यान लगाना मधुशाला!।४९।
मुसलमान औ' हिन्दू है दो, एक, मगर, उनका प्याला,
एक, मगर, उनका मदिरालय, एक, मगर, उनकी हाला,
दोनों रहते एक न जब तक मस्जिद मन्दिर में जाते,
बैर बढ़ाते मस्जिद मन्दिर मेल कराती मधुशाला!।५०।
कोई भी हो शेख नमाज़ी या पंडित जपता माला,
बैर भाव चाहे जितना हो मदिरा से रखनेवाला,
एक बार बस मधुशाला के आगे से होकर निकले,
देखूँ कैसे थाम न लेती दामन उसका मधुशाला!।५१।
और रसों में स्वाद तभी तक, दूर जभी तक है हाला,
इतरा लें सब पात्र न जब तक, आगे आता है प्याला,
कर लें पूजा शेख, पुजारी तब तक मस्जिद मन्दिर में
घूँघट का पट खोल न जब तक झाँक रही है मधुशाला।।५२।
आज करे परहेज़ जगत, पर, कल पीनी होगी हाला,
आज करे इन्कार जगत पर कल पीना होगा प्याला,
होने दो पैदा मद का महमूद जगत में कोई, फिर
जहाँ अभी हैं मन्दिर मस्जिद वहाँ बनेगी मधुशाला।।५३।
यज्ञ अग्नि सी धधक रही है मधु की भटठी की ज्वाला,
ऋषि सा ध्यान लगा बैठा है हर मदिरा पीने वाला,
मुनि कन्याओं सी मधुघट ले फिरतीं साकीबालाएँ,
किसी तपोवन से क्या कम है मेरी पावन मधुशाला।।५४।
सोम सुरा पुरखे पीते थे, हम कहते उसको हाला,
द्रोणकलश जिसको कहते थे, आज वही मधुघट आला,
वेदिवहित यह रस्म न छोड़ो वेदों के ठेकेदारों,
युग युग से है पुजती आई नई नहीं है मधुशाला।।५५।
वही वारूणी जो थी सागर मथकर निकली अब हाला,
रंभा की संतान जगत में कहलाती 'साकीबाला',
देव अदेव जिसे ले आए, संत महंत मिटा देंगे!
किसमें कितना दम खम, इसको खूब समझती मधुशाला।।५६।
कभी न सुन पड़ता, 'इसने, हा, छू दी मेरी हाला',
कभी न कोई कहता, 'उसने जूठा कर डाला प्याला',
सभी जाति के लोग यहाँ पर साथ बैठकर पीते हैं,
सौ सुधारकों का करती है काम अकेले मधुशाला।।५७।
श्रम, संकट, संताप, सभी तुम भूला करते पी हाला,
सबक बड़ा तुम सीख चुके यदि सीखा रहना मतवाला,
व्यर्थ बने जाते हो हिरजन, तुम तो मधुजन ही अच्छे,
ठुकराते हैं मंदिरवाले, पलक बिछाती मधुशाला।।५८।
एक तरह से सबका स्वागत करती है साकीबाला,
अज्ञ विज्ञ में है क्या अंतर हो जाने पर मतवाला,
रंक राव में भेद हुआ है कभी नहीं मदिरालय में,
साम्यवाद की प्रथम प्रचारक है यह मेरी मधुशाला।।५९।
बार बार मैंने आगे बढ़ आज नहीं माँगी हाला,
समझ न लेना इससे मुझको साधारण पीने वाला,
हो तो लेने दो ऐ साकी दूर प्रथम संकोचों को,
मेरे ही स्वर से फिर सारी गूँज उठेगी मधुशाला।।६०।
कल? कल पर विश्वास किया कब करता है पीनेवाला
हो सकते कल कर जड़ जिनसे फिर फिर आज उठा प्याला,
आज हाथ में था, वह खोया, कल का कौन भरोसा है,
कल की हो न मुझे मधुशाला काल कुटिल की मधुशाला।।६१।
आज मिला अवसर, तब फिर क्यों मैं न छकूँ जी-भर हाला
आज मिला मौका, तब फिर क्यों ढाल न लूँ जी-भर प्याला,
छेड़छाड़ अपने साकी से आज न क्यों जी-भर कर लूँ,
एक बार ही तो मिलनी है जीवन की यह मधुशाला।।६२।
आज सजीव बना लो, प्रेयसी, अपने अधरों का प्याला,
भर लो, भर लो, भर लो इसमें, यौवन मधुरस की हाला,
और लगा मेरे होठों से भूल हटाना तुम जाओ,
अथक बनू मैं पीनेवाला, खुले प्रणय की मधुशाला।।६३।
सुमुखी तुम्हारा, सुन्दर मुख ही, मुझको कन्चन का प्याला
छलक रही है जिसमें माणिक रूप मधुर मादक हाला,
मैं ही साकी बनता, मैं ही पीने वाला बनता हूँ
जहाँ कहीं मिल बैठे हम तुम़ वहीं गयी हो मधुशाला।।६४।
दो दिन ही मधु मुझे पिलाकर ऊब उठी साकीबाला,
भरकर अब खिसका देती है वह मेरे आगे प्याला,
नाज़, अदा, अंदाजों से अब, हाय पिलाना दूर हुआ,
अब तो कर देती है केवल फ़र्ज़ - अदाई मधुशाला।।६५।
छोटे-से जीवन में कितना प्यार करुँ, पी लूँ हाला,
आने के ही साथ जगत में कहलाया 'जानेवाला',
स्वागत के ही साथ विदा की होती देखी तैयारी,
बंद लगी होने खुलते ही मेरी जीवन-मधुशाला।।६६।
क्या पीना, निर्द्वन्द न जब तक ढाला प्यालों पर प्याला,
क्या जीना, निश्चिंत न जब तक साथ रहे साकीबाला,
खोने का भय, हाय, लगा है पाने के सुख के पीछे,
मिलने का आनंद न देती मिलकर के भी मधुशाला।।६७।
मुझे पिलाने को लाए हो इतनी थोड़ी-सी हाला!
मुझे दिखाने को लाए हो एक यही छिछला प्याला!
इतनी पी जीने से अच्छा सागर की ले प्यास मरुँ,
सिंधु-तृषा दी किसने रचकर बिंदु-बराबर मधुशाला।।६८।
क्या कहता है, रह न गई अब तेरे भाजन में हाला,
क्या कहता है, अब न चलेगी मादक प्यालों की माला,
थोड़ी पीकर प्यास बढ़ी तो शेष नहीं कुछ पीने को,
प्यास बुझाने को बुलवाकर प्यास बढ़ाती मधुशाला।।६९।
लिखी भाग्य में जितनी बस उतनी ही पाएगा हाला,
लिखा भाग्य में जैसा बस वैसा ही पाएगा प्याला,
लाख पटक तू हाथ पाँव, पर इससे कब कुछ होने का,
लिखी भाग्य में जो तेरे बस वही मिलेगी मधुशाला।।७०।
कर ले, कर ले कंजूसी तू मुझको देने में हाला,
दे ले, दे ले तू मुझको बस यह टूटा फूटा प्याला,
मैं तो सब्र इसी पर करता, तू पीछे पछताएगी,
जब न रहूँगा मैं, तब मेरी याद करेगी मधुशाला।।७१।
ध्यान मान का, अपमानों का छोड़ दिया जब पी हाला,
गौरव भूला, आया कर में जब से मिट्टी का प्याला,
साकी की अंदाज़ भरी झिड़की में क्या अपमान धरा,
दुनिया भर की ठोकर खाकर पाई मैंने मधुशाला।।७२।
क्षीण, क्षुद्र, क्षणभंगुर, दुर्बल मानव मिटटी का प्याला,
भरी हुई है जिसके अंदर कटु-मधु जीवन की हाला,
मृत्यु बनी है निर्दय साकी अपने शत-शत कर फैला,
काल प्रबल है पीनेवाला, संसृति है यह मधुशाला।।७३।
प्याले सा गढ़ हमें किसी ने भर दी जीवन की हाला,
नशा न भाया, ढाला हमने ले लेकर मधु का प्याला,
जब जीवन का दर्द उभरता उसे दबाते प्याले से,
जगती के पहले साकी से जूझ रही है मधुशाला।।७४।
अपने अंगूरों से तन में हमने भर ली है हाला,
क्या कहते हो, शेख, नरक में हमें तपाएगी ज्वाला,
तब तो मदिरा खूब खिंचेगी और पिएगा भी कोई,
हमें नमक की ज्वाला में भी दीख पड़ेगी मधुशाला।।७५।
यम आएगा लेने जब, तब खूब चलूँगा पी हाला,
पीड़ा, संकट, कष्ट नरक के क्या समझेगा मतवाला,
क्रूर, कठोर, कुटिल, कुविचारी, अन्यायी यमराजों के
डंडों की जब मार पड़ेगी, आड़ करेगी मधुशाला।।७६।
यदि इन अधरों से दो बातें प्रेम भरी करती हाला,
यदि इन खाली हाथों का जी पल भर बहलाता प्याला,
हानि बता, जग, तेरी क्या है, व्यर्थ मुझे बदनाम न कर,
मेरे टूटे दिल का है बस एक खिलौना मधुशाला।।७७।
याद न आए दुखमय जीवन इससे पी लेता हाला,
जग चिंताओं से रहने को मुक्त, उठा लेता प्याला,
शौक, साध के और स्वाद के हेतु पिया जग करता है,
पर मै वह रोगी हूँ जिसकी एक दवा है मधुशाला।।७८।
गिरती जाती है दिन प्रतिदन प्रणयनी प्राणों की हाला
भग्न हुआ जाता दिन प्रतिदन सुभगे मेरा तन प्याला,
रूठ रहा है मुझसे रूपसी, दिन दिन यौवन का साकी
सूख रही है दिन दिन सुन्दरी, मेरी जीवन मधुशाला।।७९।
यम आयेगा साकी बनकर साथ लिए काली हाला,
पी न होश में फिर आएगा सुरा-विसुध यह मतवाला,
यह अंतिम बेहोशी, अंतिम साकी, अंतिम प्याला है,
पथिक, प्यार से पीना इसको फिर न मिलेगी मधुशाला।८०।
ढलक रही है तन के घट से, संगिनी जब जीवन हाला
पत्र गरल का ले जब अंतिम साकी है आनेवाला,
हाथ स्पर्श भूले प्याले का, स्वाद सुरा जीव्हा भूले
कानो में तुम कहती रहना, मधु का प्याला मधुशाला।।८१।
मेरे अधरों पर हो अंतिम वस्तु न तुलसीदल प्याला
मेरी जीव्हा पर हो अंतिम वस्तु न गंगाजल हाला,
मेरे शव के पीछे चलने वालों याद इसे रखना
राम नाम है सत्य न कहना, कहना सच्ची मधुशाला।।८२।
मेरे शव पर वह रोये, हो जिसके आंसू में हाला
आह भरे वो, जो हो सुरिभत मदिरा पी कर मतवाला,
दे मुझको वो कान्धा जिनके पग मद डगमग होते हों
और जलूं उस ठौर जहां पर कभी रही हो मधुशाला।।८३।
और चिता पर जाये उंढेला पात्र न घ्रित का, पर प्याला
कंठ बंधे अंगूर लता में मध्य न जल हो, पर हाला,
प्राण प्रिये यदि श्राध करो तुम मेरा तो ऐसे करना
पीने वालों को बुलवा कऱ खुलवा देना मधुशाला।।८४।
नाम अगर कोई पूछे तो, कहना बस पीनेवाला
काम ढालना, और ढालना सबको मदिरा का प्याला,
जाति प्रिये, पूछे यदि कोई कह देना दीवानों की
धर्म बताना प्यालों की ले माला जपना मधुशाला।।८५।
ज्ञात हुआ यम आने को है ले अपनी काली हाला,
पंडित अपनी पोथी भूला, साधू भूल गया माला,
और पुजारी भूला पूजा, ज्ञान सभी ज्ञानी भूला,
किन्तु न भूला मरकर के भी पीनेवाला मधुशाला।।८६।
यम ले चलता है मुझको तो, चलने दे लेकर हाला,
चलने दे साकी को मेरे साथ लिए कर में प्याला,
स्वर्ग, नरक या जहाँ कहीं भी तेरा जी हो लेकर चल,
ठौर सभी हैं एक तरह के साथ रहे यदि मधुशाला।।८७।
पाप अगर पीना, समदोषी तो तीनों - साकी बाला,
नित्य पिलानेवाला प्याला, पी जानेवाली हाला,
साथ इन्हें भी ले चल मेरे न्याय यही बतलाता है,
कैद जहाँ मैं हूँ, की जाए कैद वहीं पर मधुशाला।।८८।
शांत सकी हो अब तक, साकी, पीकर किस उर की ज्वाला,
'और, और' की रटन लगाता जाता हर पीनेवाला,
कितनी इच्छाएँ हर जानेवाला छोड़ यहाँ जाता!
कितने अरमानों की बनकर कब्र खड़ी है मधुशाला।।८९।
जो हाला मैं चाह रहा था, वह न मिली मुझको हाला,
जो प्याला मैं माँग रहा था, वह न मिला मुझको प्याला,
जिस साकी के पीछे मैं था दीवाना, न मिला साकी,
जिसके पीछे था मैं पागल, हा न मिली वह मधुशाला!।९०।
देख रहा हूँ अपने आगे कब से माणिक-सी हाला,
देख रहा हूँ अपने आगे कब से कंचन का प्याला,
'बस अब पाया!'- कह-कह कब से दौड़ रहा इसके पीछे,
किंतु रही है दूर क्षितिज-सी मुझसे मेरी मधुशाला।।९१।
कभी निराशा का तम घिरता, छिप जाता मधु का प्याला,
छिप जाती मदिरा की आभा, छिप जाती साकीबाला,
कभी उजाला आशा करके प्याला फिर चमका जाती,
आँख मिचौली खेल रही है मुझसे मेरी मधुशाला।।९२।
'आ आगे' कहकर कर पीछे कर लेती साकीबाला,
होंठ लगाने को कहकर हर बार हटा लेती प्याला,
नहीं मुझे मालूम कहाँ तक यह मुझको ले जाएगी,
बढ़ा बढ़ाकर मुझको आगे, पीछे हटती मधुशाला।।९३।
हाथों में आने-आने में, हाय, फिसल जाता प्याला,
अधरों पर आने-आने में हाय, ढुलक जाती हाला,
दुनियावालो, आकर मेरी किस्मत की ख़ूबी देखो,
रह-रह जाती है बस मुझको मिलते-मिलते मधुशाला।।९४।
प्राप्य नही है तो, हो जाती लुप्त नहीं फिर क्यों हाला,
प्राप्य नही है तो, हो जाता लुप्त नहीं फिर क्यों प्याला,
दूर न इतनी हिम्मत हारुँ, पास न इतनी पा जाऊँ,
व्यर्थ मुझे दौड़ाती मरु में मृगजल बनकर मधुशाला।।९५।
मिले न, पर, ललचा ललचा क्यों आकुल करती है हाला,
मिले न, पर, तरसा तरसाकर क्यों तड़पाता है प्याला,
हाय, नियति की विषम लेखनी मस्तक पर यह खोद गई
'दूर रहेगी मधु की धारा, पास रहेगी मधुशाला!'।९६।
मदिरालय में कब से बैठा, पी न सका अब तक हाला,
यत्न सहित भरता हूँ, कोई किंतु उलट देता प्याला,
मानव-बल के आगे निर्बल भाग्य, सुना विद्यालय में,
'भाग्य प्रबल, मानव निर्बल' का पाठ पढ़ाती मधुशाला।।९७।
किस्मत में था खाली खप्पर, खोज रहा था मैं प्याला,
ढूँढ़ रहा था मैं मृगनयनी, किस्मत में थी मृगछाला,
किसने अपना भाग्य समझने में मुझसा धोखा खाया,
किस्मत में था अवघट मरघट, ढूँढ़ रहा था मधुशाला।।९८।
उस प्याले से प्यार मुझे जो दूर हथेली से प्याला,
उस हाला से चाव मुझे जो दूर अधर से है हाला,
प्यार नहीं पा जाने में है, पाने के अरमानों में!
पा जाता तब, हाय, न इतनी प्यारी लगती मधुशाला।।९९।
साकी के पास है तनिक सी श्री, सुख, संपित की हाला,
सब जग है पीने को आतुर ले ले किस्मत का प्याला,
रेल ठेल कुछ आगे बढ़ते, बहुतेरे दबकर मरते,
जीवन का संघर्ष नहीं है, भीड़ भरी है मधुशाला।।१००।
साकी, जब है पास तुम्हारे इतनी थोड़ी सी हाला,
क्यों पीने की अभिलषा से, करते सबको मतवाला,
हम पिस पिसकर मरते हैं, तुम छिप छिपकर मुसकाते हो,
हाय, हमारी पीड़ा से है क्रीड़ा करती मधुशाला।।१०१।
साकी, मर खपकर यदि कोई आगे कर पाया प्याला,
पी पाया केवल दो बूंदों से न अधिक तेरी हाला,
जीवन भर का, हाय, पिरश्रम लूट लिया दो बूंदों ने,
भोले मानव को ठगने के हेतु बनी है मधुशाला।।१०२।
जिसने मुझको प्यासा रक्खा बनी रहे वह भी हाला,
जिसने जीवन भर दौड़ाया बना रहे वह भी प्याला,
मतवालों की जिह्वा से हैं कभी निकलते शाप नहीं,
दुखी बनाया जिसने मुझको सुखी रहे वह मधुशाला!।१०३।
नहीं चाहता, आगे बढ़कर छीनूँ औरों की हाला,
नहीं चाहता, धक्के देकर, छीनूँ औरों का प्याला,
साकी, मेरी ओर न देखो मुझको तनिक मलाल नहीं,
इतना ही क्या कम आँखों से देख रहा हूँ मधुशाला।।१०४।
मद, मदिरा, मधु, हाला सुन-सुन कर ही जब हूँ मतवाला,
क्या गति होगी अधरों के जब नीचे आएगा प्याला,
साकी, मेरे पास न आना मैं पागल हो जाऊँगा,
प्यासा ही मैं मस्त, मुबारक हो तुमको ही मधुशाला।।१०५।
क्या मुझको आवश्यकता है साकी से माँगूँ हाला,
क्या मुझको आवश्यकता है साकी से चाहूँ प्याला,
पीकर मदिरा मस्त हुआ तो प्यार किया क्या मदिरा से!
मैं तो पागल हो उठता हूँ सुन लेता यदि मधुशाला।।१०६।
देने को जो मुझे कहा था दे न सकी मुझको हाला,
देने को जो मुझे कहा था दे न सका मुझको प्याला,
समझ मनुज की दुर्बलता मैं कहा नहीं कुछ भी करता,
किन्तु स्वयं ही देख मुझे अब शरमा जाती मधुशाला।।१०७।
एक समय संतुष्ट बहुत था पा मैं थोड़ी-सी हाला,
भोला-सा था मेरा साकी, छोटा-सा मेरा प्याला,
छोटे-से इस जग की मेरे स्वर्ग बलाएँ लेता था,
विस्तृत जग में, हाय, गई खो मेरी नन्ही मधुशाला!।१०८।
बहुतेरे मदिरालय देखे, बहुतेरी देखी हाला,
भाँति भाँति का आया मेरे हाथों में मधु का प्याला,
एक एक से बढ़कर, सुन्दर साकी ने सत्कार किया,
जँची न आँखों में, पर, कोई पहली जैसी मधुशाला।।१०९।
एक समय छलका करती थी मेरे अधरों पर हाला,
एक समय झूमा करता था मेरे हाथों पर प्याला,
एक समय पीनेवाले, साकी आलिंगन करते थे,
आज बनी हूँ निर्जन मरघट, एक समय थी मधुशाला।।११०।
जला हृदय की भट्टी खींची मैंने आँसू की हाला,
छलछल छलका करता इससे पल पल पलकों का प्याला,
आँखें आज बनी हैं साकी, गाल गुलाबी पी होते,
कहो न विरही मुझको, मैं हूँ चलती फिरती मधुशाला!।१११।
कितनी जल्दी रंग बदलती है अपना चंचल हाला,
कितनी जल्दी घिसने लगता हाथों में आकर प्याला,
कितनी जल्दी साकी का आकर्षण घटने लगता है,
प्रात नहीं थी वैसी, जैसी रात लगी थी मधुशाला।।११२।
बूँद बूँद के हेतु कभी तुझको तरसाएगी हाला,
कभी हाथ से छिन जाएगा तेरा यह मादक प्याला,
पीनेवाले, साकी की मीठी बातों में मत आना,
मेरे भी गुण यों ही गाती एक दिवस थी मधुशाला।।११३।
छोड़ा मैंने पथ मतों को तब कहलाया मतवाला,
चली सुरा मेरा पग धोने तोड़ा जब मैंने प्याला,
अब मानी मधुशाला मेरे पीछे पीछे फिरती है,
क्या कारण? अब छोड़ दिया है मैंने जाना मधुशाला।।११४।
यह न समझना, पिया हलाहल मैंने, जब न मिली हाला,
तब मैंने खप्पर अपनाया ले सकता था जब प्याला,
जले हृदय को और जलाना सूझा, मैंने मरघट को
अपनाया जब इन चरणों में लोट रही थी मधुशाला।।११५।
कितनी आई और गई पी इस मदिरालय में हाला,
टूट चुकी अब तक कितने ही मादक प्यालों की माला,
कितने साकी अपना अपना काम खतम कर दूर गए,
कितने पीनेवाले आए, किन्तु वही है मधुशाला।।११६।
कितने होठों को रक्खेगी याद भला मादक हाला,
कितने हाथों को रक्खेगा याद भला पागल प्याला,
कितनी शक्लों को रक्खेगा याद भला भोला साकी,
कितने पीनेवालों में है एक अकेली मधुशाला।।११७।
दर दर घूम रहा था जब मैं चिल्लाता - हाला! हाला!
मुझे न मिलता था मदिरालय, मुझे न मिलता था प्याला,
मिलन हुआ, पर नहीं मिलनसुख लिखा हुआ था किस्मत में,
मैं अब जमकर बैठ गया हूँ, घूम रही है मधुशाला।।११८।
मैं मदिरालय के अंदर हूँ, मेरे हाथों में प्याला,
प्याले में मदिरालय बिंबित करनेवाली है हाला,
इस उधेड़-बुन में ही मेरा सारा जीवन बीत गया -
मैं मधुशाला के अंदर या मेरे अंदर मधुशाला!।११९।
किसे नहीं पीने से नाता, किसे नहीं भाता प्याला,
इस जगती के मदिरालय में तरह-तरह की है हाला,
अपनी-अपनी इच्छा के अनुसार सभी पी मदमाते,
एक सभी का मादक साकी, एक सभी की मधुशाला।।१२०।
वह हाला, कर शांत सके जो मेरे अंतर की ज्वाला,
जिसमें मैं बिंबित-प्रतिबिंबित प्रतिपल, वह मेरा प्याला,
मधुशाला वह नहीं जहाँ पर मदिरा बेची जाती है,
भेंट जहाँ मस्ती की मिलती मेरी तो वह मधुशाला।।१२१।
मतवालापन हाला से ले मैंने तज दी है हाला,
पागलपन लेकर प्याले से, मैंने त्याग दिया प्याला,
साकी से मिल, साकी में मिल अपनापन मैं भूल गया,
मिल मधुशाला की मधुता में भूल गया मैं मधुशाला।।१२२।
मदिरालय के द्वार ठोंकता किस्मत का छूंछा प्याला,
गहरी, ठंडी सांसें भर भर कहता था हर मतवाला,
कितनी थोड़ी सी यौवन की हाला, हा, मैं पी पाया!
बंद हो गई कितनी जल्दी मेरी जीवन मधुशाला।।१२३।
कहाँ गया वह स्वर्गिक साकी, कहाँ गयी सुरिभत हाला,
कहाँ गया स्वपिनल मदिरालय, कहाँ गया स्वर्णिम प्याला!
पीनेवालों ने मदिरा का मूल्य, हाय, कब पहचाना?
फूट चुका जब मधु का प्याला, टूट चुकी जब मधुशाला।।१२४।
अपने युग में सबको अनुपम ज्ञात हुई अपनी हाला,
अपने युग में सबको अदभुत ज्ञात हुआ अपना प्याला,
फिर भी वृद्धों से जब पूछा एक यही उत्तर पाया -
अब न रहे वे पीनेवाले, अब न रही वह मधुशाला!।१२५।
'मय' को करके शुद्ध दिया अब नाम गया उसको, 'हाला'
'मीना' को 'मधुपात्र' दिया 'सागर' को नाम गया 'प्याला',
क्यों न मौलवी चौंकें, बिचकें तिलक-त्रिपुंडी पंडित जी
'मय-महिफल' अब अपना ली है मैंने करके 'मधुशाला'।।१२६।
कितने मर्म जता जाती है बार-बार आकर हाला,
कितने भेद बता जाता है बार-बार आकर प्याला,
कितने अर्थों को संकेतों से बतला जाता साकी,
फिर भी पीनेवालों को है एक पहेली मधुशाला।।१२७।
जितनी दिल की गहराई हो उतना गहरा है प्याला,
जितनी मन की मादकता हो उतनी मादक है हाला,
जितनी उर की भावुकता हो उतना सुन्दर साकी है,
जितना ही जो रिसक, उसे है उतनी रसमय मधुशाला।।१२८।
जिन अधरों को छुए, बना दे मस्त उन्हें मेरी हाला,
जिस कर को छू दे, कर दे विक्षिप्त उसे मेरा प्याला,
आँख चार हों जिसकी मेरे साकी से दीवाना हो,
पागल बनकर नाचे वह जो आए मेरी मधुशाला।।१२९।
हर जिव्हा पर देखी जाएगी मेरी मादक हाला
हर कर में देखा जाएगा मेरे साकी का प्याला
हर घर में चर्चा अब होगी मेरे मधुविक्रेता की
हर आंगन में गमक उठेगी मेरी सुरिभत मधुशाला।।१३०।
मेरी हाला में सबने पाई अपनी-अपनी हाला,
मेरे प्याले में सबने पाया अपना-अपना प्याला,
मेरे साकी में सबने अपना प्यारा साकी देखा,
जिसकी जैसी रुचि थी उसने वैसी देखी मधुशाला।।१३१।
यह मदिरालय के आँसू हैं, नहीं-नहीं मादक हाला,
यह मदिरालय की आँखें हैं, नहीं-नहीं मधु का प्याला,
किसी समय की सुखदस्मृति है साकी बनकर नाच रही,
नहीं-नहीं कवि का हृदयांगण, यह विरहाकुल मधुशाला।।१३२।
कुचल हसरतें कितनी अपनी, हाय, बना पाया हाला,
कितने अरमानों को करके ख़ाक बना पाया प्याला!
पी पीनेवाले चल देंगे, हाय, न कोई जानेगा,
कितने मन के महल ढहे तब खड़ी हुई यह मधुशाला!।१३३।
विश्व तुम्हारे विषमय जीवन में ला पाएगी हाला
यदि थोड़ी-सी भी यह मेरी मदमाती साकीबाला,
शून्य तुम्हारी घड़ियाँ कुछ भी यदि यह गुंजित कर पाई,
जन्म सफल समझेगी जग में अपना मेरी मधुशाला।।१३४।
बड़े-बड़े नाज़ों से मैंने पाली है साकीबाला,
कलित कल्पना का ही इसने सदा उठाया है प्याला,
मान-दुलारों से ही रखना इस मेरी सुकुमारी को,
विश्व, तुम्हारे हाथों में अब सौंप रहा हूँ मधुशाला।।१३५।
पिरिशष्ट से
स्वयं नहीं पीता, औरों को, किन्तु पिला देता हाला,
स्वयं नहीं छूता, औरों को, पर पकड़ा देता प्याला,
पर उपदेश कुशल बहुतेरों से मैंने यह सीखा है,
स्वयं नहीं जाता, औरों को पहुंचा देता मधुशाला।
मैं कायस्थ कुलोदभव मेरे पुरखों ने इतना ढ़ाला,
मेरे तन के लोहू में है पचहत्तर प्रतिशत हाला,
पुश्तैनी अधिकार मुझे है मदिरालय के आँगन पर,
मेरे दादों परदादों के हाथ बिकी थी मधुशाला।
बहुतों के सिर चार दिनों तक चढ़कर उतर गई हाला,
बहुतों के हाथों में दो दिन छलक झलक रीता प्याला,
पर बढ़ती तासीर सुरा की साथ समय के, इससे ही
और पुरानी होकर मेरी और नशीली मधुशाला।
पितृ पक्ष में पुत्र उठाना अर्ध्य न कर में, पर प्याला
बैठ कहीं पर जाना, गंगा सागर में भरकर हाला
किसी जगह की मिटटी भीगे, तृप्ति मुझे मिल जाएगी
तर्पण अर्पण करना मुझको, पढ़ पढ़ कर के मधुशाला।
- हरिवंशराय बच्चन
हरिवंशराय बच्चन
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अटल बिहारी वाजपेयी जीवनी – Atal Bihari Vajpayee biography in hindi
Updated (16th August 2018) :- अटल बिहारी वाजपेयी ने अपनी आखरी सांस AIIMS अस्पताल में 5:०5 PM पर ली (16th August 2018). 93 वर्षीय बहुमुखी प्रधान मंत्री अटल बिहारी बाजपेयी ने हमे १६ अगस्त 2018 को छोड़ दिया। भगवान उनकी आत्मा को शांति प्रधान करे. अटल जी की मृत्यु पर 7 दिन के राष्ट्रीय शोक की घोषणा की गयी है.

बहु प्रतिभावान राजनैतिज्ञ अटल बिहारी वाजपेयी भारतीय राजनीती में पिछले 50 सालों से सक्रीय है. अपने राजनैतिक सफ़र में वाजपेयी जी सबसे आदर्शवादी व प्रशंसनीय राजनेता थे. अटल जी जैसा नेता होना पुरे देश के लिए गर्व की बात है. उनके बहुत से कामों की वजह से देश आज इस मुकाम पर है. जवाहरलाल नेहरु के बाद अगर कोई 3 बार प्रधानमंत्री बना है तो वो अटल जी ही है. अटल जी पिछले 5 दशकों से संसद में सक्रीय रहे, साथ ही वे इकलोते राजनेता है जो 4 अलग अलग प्रदेश से सांसद चुने गए. अटल जी भारत की आजादी के पहले से राजनीती में आ गए थे, उन्होंने गाँधी जी के साथ भारत छोड़ो आन्दोलन में भी भाग लिया था, और कई बार जेल यातनाएं भी सही.
अटल की बहुमुखी प्रतिभा के धनि है, वे बहुत अच्छे कवी भी है, जो राजनीती पर भी अपनी कविता और व्यंग्य से सबको आश्चर्यचकित करते रहे है, उनकी बहुत ही रचनाएँ पब्लिश भी हुई है जिन्हें आज भी लोग पढ़ते है. अटल जी को अपनी मातृभाषा हिंदी से भी बेहद प्रेम है, अटल जी पहले राजनेता बने, जिन्होंने यू एन जनरल असेंबली में हिंदी में भाषण दिया था. अटल जी पहली बार सिर्फ 13 दिन के लिए प्रधानमंत्री बने थे. इसके 1 साल के बाद वे फिर प्रधानमंत्री बने लेकिन इस बार भी उनका ये सफ़र एक साल का रहा. तीसरी बार अटल जी जब प्रधानमंत्री बने तब उनका कार्यकाल पूरा 5 साल का रहा और ये सबसे अधिक सफल माना गया.

अटल बिहारी वाजपेयी जीवनी
Atal Bihari Vajpayee biography in hindi
क्रमांक जीवन परिचय बिंदु अटल बिहारी जीवन परिचय
1. पूरा नाम अटल बिहारी वाजपेयी
2. जन्म 25 दिसम्बर 1924
2. मृत्यु 16 अगस्त 2018
3. जन्म स्थान ग्वालियर, मध्यप्रदेश
4. माता-पिता कृष्णा देवी, कृष्णा बिहारी वाजपेयी
5. विवाह नहीं हुआ
6. राजनैतिक पार्टी भारतीय जनता पार्टी
7. अवार्ड 1992 – पद्म विभूषण
1994 – लोकमान्य तिलक अवार्ड
1994 – बेस्ट सांसद अवार्ड
1994 – पंडित गोविन्द वल्लभ पन्त अवार्ड
2014 – भारत रत्न
अटल बिहारी वाजपेयी बचपन व आरंभिक जीवन (Atal Bihari Vajpayee Personal Life)–
अटल जी का जन्म मध्यप्रदेश के ग्वालियर जिले में मध्यम वर्गीय परिवार में हुआ था. अटल जी के 7 भाई बहन थे. उनके पिता कृष्णा बिहारी स्कूल टीचर व कवी थे. स्वरास्ती स्कूल से स्कूलिंग करने के बाद अटल जी ने लक्ष्मीबाई कॉलेज से ग्रेजुएशन पूरा किया, इसके बाद उन्होंने कानपूर के DAVV कॉलेज से इकोनोमिक्स में पोस्ट ग्रेजुएशन किया. उन्होंने लखनऊ के लॉ कॉलेज में आगे पढ़ने के लिए आवेदन भी दिया, लेकिन फिर उनका पढाई में मन नहीं लगा और वे आरएसएस द्वारा पब्लिश मैगजीन में एडिटर का काम करने लगे. अटल जी को एक बहुत अच्छे पत्रकार, राजनेता व कवी के रूप में जाना जाता है. अटल जी ने कभी शादी नहीं की, लेकिन उन्होंने B N कॉल की 2 बेटियां नमिता और नंदिता को गोद लिया था. अटल जी सच्चे देश भक्त रहे, पढाई करते समय भी वे आजादी की लड़ाई में बड़े बड़े नेताओं के साथ खड़े रहे. वे उस समय बहुत से हिंदी न्यूज़ पेपर के एडिटर भी रहे.

अटल बिहारी वाजपेयी राजनैतिक सफ़र (Atal Bihari Vajpayee Political Life)–
अटल जी का राजनैतिक सफ़र स्वतंत्रता संग्रामी के रूप में शुरू हुआ. 1942 में भारत छोड़ो आन्दोलन में बाकि नेताओं के साथ उन्होंने भाग लिया और जेल भी गए, इसी दौरान उनकी मुलाकात भारतीय जनसंघ के लीडर श्यामा प्रसाद मुखर्जी से हुई. अटल जी ने मुखर्जी जी के साथ राजनीती के दाव पेंच सीखे. मुखर्जी जी का स्वास्थ ख़राब रहने लगा और जल्दी ही उनकी मौत हो गई, इसके बाद अटल जी ने ही भारतीय जनसंघ की बागडौर संभाल ली और इसका विस्तार पुरे देश में किया.


1954 में बलरामपुर से वे मेम्बर ऑफ़ पार्लियामेंट चुने गए. जवानी के दिनों में भी अटल जी को अपनी सोच व समझ के कारण राजनीती में काफी आदर व सम्मान मिला.
1968 में दीनदयाल उपाध्या की मौत के बाद अटल जी जन संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष बन गए. इसके बाद उन्होंने कुछ सालों तक नानाजी देसाई, बलराज मध्होक व लाल कृष्ण आडवानी के साथ मिलकर जन संघ पार्टी को भारतीय राजनीती में आगे बढ़ाने के लिए कड़ी मेहनत की.
1977 में भारतीय जन संघ पार्टी ने भारतीय लोकदल के साथ गठबंधन कर लिया, जिसे जनता पार्टी नाम दिया गया. जनता पार्टी ने बहुत जल्दी ग्रोथ की और लोकल चुनाव में उसे सफलता भी मिली, इसके बाद जनता पार्टी के लीडर मोरारजी देसाई जब प्रधानमंत्री बने और सत्ता में आये तब अटल जी को एक्सटर्नल अफेयर मिनिस्टर बनाया गया. इसी के बाद वे चाइना व पाकिस्तान दौरे में गए, जहाँ उन्होंने इस देशों से भारत के संबंध सुधारने का प्रस्ताव रखा.
1979 में जब मोरारजी देसाई ने प्रधानमंत्री के पद से इस्तीफा दे दिया, तब जनता पार्टी भी बिखरने लगी. अटल जी ने 1980 में लाल कृष्ण आडवानी व भैरव सिंह शेखावत के साथ मिल कर भारतीय जनता पार्टी (BJP) बनाई, और पार्टी के पहले राष्ट्रीय अध्यक्ष बन गए. अगले पांच सालों तक अटल जी ही पार्टी के अध्यक्ष रहे.
1984 के चुनाव में बीजेपी सिर्फ 2 सीट से हारी, जिसके बाद अटल जी ने पार्टी को मजबूत बनाने के लिए जी तोड़ काम किया और पार्लियामेंट के अगले चुनाव 1989 में बीजेपी 88 सीटों की बढ़त के साथ आगे रही.
1991 में विपक्ष की मांग के चलते एक बार फिर पार्लियामेंट में चुनाव हुआ, जिसमें एक बार फिर बीजेपी 120 सीटों के साथ आगे रही.
1993 में अटल जी सांसद में विपक्ष के लीडर बनके बैठे. नवम्बर 1995 में मुंबई में हुई बीजेपी कांफ्रेंस में अटल जी को बीजेपी का प्रधानमंत्री प्रत्याशी घोषित किया गया.
अटल बिहारी वाजपेयी का प्रधानमंत्री बनने का सफ़र –
1996 में हुए चुनाव में बीजेपी एक अकेली सबसे बड़ी राजनैतिक पार्टी थी. मई 1996 में बीजेपी को जीत मिली और अटल जी को प्रधानमंत्री पद के लिए चुना गया. लेकिन बीजेपी को दूसरी पार्टियों से सपोर्ट नहीं मिला, जिस वजह से बीजेपी सरकार गिर गई और मात्र 13 दिन में अटल जी को पद से इस्तीफा देना पड़ा.
1996 से 1998 के बीच में 2 बार दूसरी सरकारें बनी लेकिन सपोर्ट ना मिलने से वे भी गिर गई. इसके बाद बीजेपी ने दूसरी पार्टियों के साथ मिलकर नेशनल डोमेस्टिक पार्टी (NDA) का गठन किया. बीजेपी फिर सत्ता में आई लेकिन इस बार भी उनकी सरकार 13 महीने की रही, अन्ना द्रविदा मुन्नेत्रा पार्टी ने अपना सपोर्ट वापस ले लिया था.
1999 में कारगिल में हुई भारत पाकिस्तान के युद्ध में भारत को मिली विजय ने अटल जी की सरकार को और मजबूत बना दिया. इस जीत से लोग उन्हें एक अच्छे भावी लीडर के रूप में देखने लगे.
इसके बाद हुए चुनाव में बीजेपी ने NDA को फिर से मजबूत किया, और चुनाव में खड़े हुए. कारगिल की जीत से भारतवासी बहुत प्रभावित हुए, और सबने बीजेपी को फिर से जीता दिया, जिसके बाद अटल बिहारी वाजपेयी तीसरी बार प्रधानमंत्री की कुर्सी पर बैठे.
बाजपेयी सरकार ने इस बार पुरे 5 साल पुरे किये, और पहली नॉन कांगेस पार्टी बन गई. सभी पार्टीयों के सपोर्ट से अटल जी ने निर्णय लिया कि वे देश की आर्थिक व्यवस्था को सुधारने के लिए प्राइवेट सेक्टर को आगे बढ़ाएंगे. अटल जी की मुख्य योजनायें नेशनल हाईवे डेवलपमेंट प्रोजेक्ट व प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना रही.
अटल जी विदेश में इन्वेस्टमेंट को बढ़ावा दिया व आईटी सेक्टर के प्रति लोगों को जागरूप किया. सन 2000 में अमेरिका के राष्ट्रपति बिल क्लिंटन भारत दौरे पर आये, इस दौरे का दोनों देश की प्रगति व रिश्ते में बहुत प्रभाव पड़ा.
2001 में अटल जी ने पाकिस्तान के रास्ट्रपति परवेज मुशर्रफ़ को भारत आने का न्योता भेजा. वे चाहते थे भारत पाक के रिश्तों में सुधार हो, आगरा में हुई ये वार्ता आज तक लोगों को याद है. इसके बाद लाहौर के लिए बस भी शुरू हुई जिसमें खुद अटल जी ने सफ़र किया. लेकिन उनकी ये मुहीम सफल नहीं रही, अटल जी की फोरेन पालिसी ने बहुत बदलाव नहीं किया, लेकिन इस बात को जनता ने बहुत सराहा.
2001 में अटल जी ने सर्व शिक्षा अभियान की भी शुरुवात की.
आर्थिक सुधार के लिए अटल जी ने बहुत सी योजनायें शुरू की, जिसके बाद 6-7 % ग्रोथ रिकॉर्ड की गई. इसी समय पूरी दुनिया में भारत का नाम जाना जाने लगा.
2004 में कांग्रेस की जीत के साथ अटल जी ने प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया.
सन 2005 में अटल जी ने राजनीती से रिटायरमेंट की बात घोषित कर दी. इसके बाद 2009 में हुए चुनाव में उन्होंने हिस्सा भी नहीं लिया.
बड़े मुख्य काम –
सत्ता में आने के जस्ट 1 महीने बाद अटल जी व उनकी सरकार ने मई 1998 में राजिस्थान के पोखरम में 5 अंडरग्राउंड नूक्लियर का सफल टेस्ट करवाए. परीक्षण पूरी तरह से सफल रहा, जिसकी चर्चा देश विदेश में भी जोरों पर रही.
अटल जी द्वारा शुरू किये गए नेशनल हाईवे डेवलपमेंट प्रोजेक्ट (NHDP) व प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) उनके दिल के बेहद करीब थी, वे इसका काम खुद देखते थे. NHDP के द्वारा उन्होंने देश के चार मुख्य शहर दिल्ली, मुंबई, चेन्नई व कोकत्त्ता को जोड़ने का काम किया. PMGSY के द्वारा पुरे भारत को अच्छी सड़कें मिली, जो छोटे छोटे गांवों को भी शहर से जोड़ती.
कारगिल युद्ध व आतंकवादी हमले के दौरान अटल जी द्वारा लिए गए निर्णय, उनकी लीडरशिप व कूटनीति ने सबको प्रभावित किया जिससे उनकी छवि सबके सामने उभर कर आई.
अटल बिहारी वाजपेयी अवार्ड व अचिवेमेंट्स (Atal Bihari Vajpayee Awards & Achivements)–
1992 में देश के लिए अच्छे कार्य करने के कारण अटल जी को पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया.
1994 में उनको बेस्ट सांसद का अवार्ड मिला.
2014 में देश के सर्वोच्य सम्मान भारत रत्न से अटल जी को सम्मानित किया गया. ये सम्मान उनके जन्म दिन 25 दिसम्बर को रास्ट्रपति प्रणव मुखर्जी द्वारा उनके निवास स्थान पर दिया गया. अटल जी के लिए पहली बार किसी राष्ट्रपति ने प्रोटोकॉल तोड़ कर घर जाकर सम्मान दिया.
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह अटल जी को भारतीय राजनीती का भीष्म पितामह कहते है.
अटल जी चार अलग अलग प्रदेशों उत्तर प्रदेश, मध्यप्रदेश, गुजरात व दिल्ली से सांसद चुने गए.
अटल जी को संगीत का भी बहुत शौक है, उनके पसंदीदा संगीतकार लता मंगेश्वर, मुकेश व मो रफ़ी है. अटल जी ने आजीवन शादी ना करने की प्रतिज्ञा ली थी, जिस पर वे कायम भी रहे. उनकी गोद ली हुई बेटी नमिता व नंदिता के वे बेहद करीब है, अटल जी अपने सभी रिश्तेदारों से भी बेहद लगाव रखते है.

93 वर्ष की आयु में हुआ निधन ( Death)
इस महान राजनेता ने अपने जीवन की अंतिम सांस दिल्ली के एम्स में 16 अगस्त, 2018 को ली. इनका इलाज कर रहे डॉक्टरों के मुताबिक इनका निधन निमोनिया और बहु अंग विफलता के कारण हुआ.
गौरतलब है कि अटल जी लंबे समय से बीमार थे और साल 2009 में ये स्ट्रोक का भी शिकार हो गए. जिसके कारण इनके सोचने समझने की क्षमता पर असर पड़ा और ये धीरे धीरे डिमेंशिया नामक बीमारी से ग्रस्त हो गए.
निधन पर किया राजकीय शौक का ऐलान (Government Announces Seven-Day Mourning)
भारत रत्न से नवाजे गए अटल जी की मृत्यु पर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद जी द्वारा पूरे देश में सात दिन राजकीय शोक की घोषणा की गई है और सात दिनों तक यानी 16 अगस्त 2018 से लेकर 22 अगस्त 2018 तक हमारे देश का झंड़ा आधा झुकायाजायेगा. साथ में ही केंद्र सरकार के कार्यालयों में काम करने वाले लोगों को आधे दिन का अवकाश भी दिया गया, ताकि ये अधिकारी अटल जी को जाकर श्रद्धांजलि दे सकें.
इसके अलावा कई राज्यों की सरकारों ने भी अपने राज्य में राजकीय शोक घोषित किया है और अपने राज्य के सरकारी स्कूलों और दफ्तरों को भी बंद रखा गया,जबकि हिमाचल प्रदेश राज्य की सरकार ने अपने राज्य में 2 दिनों के अवकाश का ऐलान किया है.
अटल पेंशन योजना के बारे में जानिए
भारत के सभी प्रधान मंत्री की लिस्ट एवम उनका विवरण जानने के लिए पढ़े.



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 Vibhuti :विभूति दीपावली वेबसाइट की एक अच्छी लेखिका है| जिनकी विशेष रूचि मनोरंजन, सेहत और सुन्दरता के बारे मे लिखने मे है| परन्तु साईट के लिए वे सभी विषयों मे लिखती है|
 
View Comments (2)
pramod kumar vishwakarma says: August 17, 2018 at 7:21 am
poorv pradhanmantri ji ke jane se mujhe bahot gam hai.
rishi shukla says: August 17, 2018 at 8:44 am
jai hind sr aap bahot mahan hai sayed me asa kabhi bhi na kar pauga or is desh me koi asa nahi kar sakta hai jai hind sr
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कविता अटल बिहारी वाजपेयी जी
खास बातें
अटल बिहारी वाजपेयी ने एक से बढ़कर एक कविताएं लिखीं
लोग उनकी कविताओं को खूब पसंद करते हैं
उनकी कविताएं लोगों को जीने का तरीका सिखाती हैं
नई दिल्ली: पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी (Atal Bihari Vajpayee) न सिर्फ प्रखर राजनेता और ओजस्वी वक्ता थे बल्कि कलम के जादूगर भी थे. उन्होंने एक से बढ़कर एक कई कविताएं लिखीं. भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी इन कविताओं का इस्तेमाल अपने भाषणों में भी खूब करते थे. जनता ने जितना प्यार और सम्मान उन्हें बतौर पीएम और नेता के रूप में दिया उतना ही सम्मान उनकी कविताओं को भी मिला. उनकी कविताएं महज चंद पंक्तियां नहीं बल्कि जीवन का नजरिया हैं, समाज के ताने-बाने के साथ आगे चलने की प्रेरणा हैं और घोर निराशा में भी आशा की किरणें भरने वाली हैं. यहां पर जानिए अटल बिहारी वाजपेयी की ऐसी ही मशहूर 6 कविताएं:
1. उजियारे में, अंधकार में,
कल कहार में, बीच धार में,
घोर घृणा में, पूत प्यार में,
क्षणिक जीत में, दीर्घ हार में,
जीवन के शत-शत आकर्षक,
अरमानों को ढलना होगा.
कदम मिलाकर चलना होगा.
सम्मुख फैला अगर ध्येय पथ,
प्रगति चिरंतन कैसा इति अब,
सुस्मित हर्षित कैसा श्रम श्लथ,
असफल, सफल समान मनोरथ,
सब कुछ देकर कुछ न मांगते,
पावस बनकर ढलना होगा.
कदम मिलाकर चलना होगा.
कुछ कांटों से सज्जित जीवन,
प्रखर प्यार से वंचित यौवन,
नीरवता से मुखरित मधुबन,
परहित अर्पित अपना तन-मन,
जीवन को शत-शत आहुति में,
जलना होगा, गलना होगा.
क़दम मिलाकर चलना होगा.
अटल बिहारी वाजपेयी के इरादों की उड़ान था पोखरण परीक्षण, जानिए अटल जी से जुड़ी 10 बातें
2. हरी हरी दूब पर
ओस की बूंदे
अभी थी,
अभी नहीं हैं|
ऐसी खुशियां
जो हमेशा हमारा साथ दें
कभी नहीं थी,
कहीं नहीं हैं|
क्कांयर की कोख से
फूटा बाल सूर्य,
जब पूरब की गोद में
पाँव फैलाने लगा,
तो मेरी बगीची का
पत्ता-पत्ता जगमगाने लगा,
मैं उगते सूर्य को नमस्कार करूं
या उसके ताप से भाप बनी,
ओस की बूंदों को ढूंढूं?
Atal Bihari Vajpayee Quotes: 'छोटे मन से कोई बड़ा नहीं होता, टूटे मन से कोई खड़ा नहीं होता'
सूर्य एक सत्य है
जिसे झुठलाया नहीं जा सकता
मगर ओस भी तो एक सच्चाई है
यह बात अलग है कि ओस क्षणिक है
क्यों न मैं क्षण क्षण को जिऊं?
कण-कण में बिखरे सौन्दर्य को पिऊं?
सूर्य तो फिर भी उगेगा,
धूप तो फिर भी खिलेगी,
लेकिन मेरी बगीची की
हरी-हरी दूब पर,
ओस की बूंद
हर मौसम में नहीं मिलेगी।
3. खून क्यों सफेद हो गया?
भेद में अभेद खो गया.
बंट गये शहीद, गीत कट गए,
कलेजे में कटार दड़ गई.
दूध में दरार पड़ गई.
खेतों में बारूदी गंध,
टूट गये नानक के छंद
सतलुज सहम उठी, व्यथित सी बितस्ता है.
वसंत से बहार झड़ गई
दूध में दरार पड़ गई.
अपनी ही छाया से बैर,
गले लगने लगे हैं ग़ैर,
ख़ुदकुशी का रास्ता, तुम्हें वतन का वास्ता.
बात बनाएं, बिगड़ गई.
दूध में दरार पड़ गई.
4. क्षमा करो बापू! तुम हमको,
बचन भंग के हम अपराधी,
राजघाट को किया अपावन,
मंज़िल भूले, यात्रा आधी।
जयप्रकाश जी! रखो भरोसा,
टूटे सपनों को जोड़ेंगे।
चिताभस्म की चिंगारी से,
अन्धकार के गढ़ तोड़ेंगे।
5. कौरव कौन
कौन पांडव,
टेढ़ा सवाल है|
दोनों ओर शकुनि
का फैला
कूटजाल है|
धर्मराज ने छोड़ी नहीं
जुए की लत है|
हर पंचायत में
पांचाली
अपमानित है|
बिना कृष्ण के
आज
महाभारत होना है,
कोई राजा बने,
रंक को तो रोना है|
6. ठन गई!
मौत से ठन गई!
जूझने का मेरा इरादा न था,
मोड़ पर मिलेंगे इसका वादा न था,
रास्ता रोक कर वह खड़ी हो गई,
यों लगा ज़िन्दगी से बड़ी हो गई।
मौत की उमर क्या है? दो पल भी नहीं,
ज़िन्दगी सिलसिला, आज कल की नहीं।
मैं जी भर जिया, मैं मन से मरूं,
लौटकर आऊँगा, कूच से क्यों डरूं?
तू दबे पांव, चोरी-छिपे से न आ,
सामने वार कर फिर मुझे आज़मा।
मौत से बेख़बर, ज़िन्दगी का सफ़र,
शाम हर सुरमई, रात बंसी का स्वर।
बात ऐसी नहीं कि कोई ग़म ही नहीं,
दर्द अपने-पराए कुछ कम भी नहीं।
प्यार इतना परायों से मुझको मिला,
न अपनों से बाक़ी हैं कोई गिला।
हर चुनौती से दो हाथ मैंने किये,
आंधियों में जलाए हैं बुझते दिए।
आज झकझोरता तेज़ तूफ़ान है,
नाव भंवरों की बांहों में मेहमान है।
पार पाने का क़ायम मगर हौसला,
देख तेवर तूफां का, तेवरी तन गई।
मौत से ठन गई
स्वामी विवेकानंद जी
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स्वामी विवेकानन्द
भारतीय हिन्दू संन्यासी एवं महान दार्शनिक
स्वामी विवेकानन्द( बांग्ला: স্বামী বিবেকানন্দ) (जन्म: १२ जनवरी,१८६३ - मृत्यु: ४ जुलाई,१९०२) वेदान्त के विख्यात और प्रभावशाली आध्यात्मिक गुरु थे। उनका वास्तविक नाम नरेन्द्र नाथ दत्त था। उन्होंने अमेरिका स्थित शिकागो में सन् १८९३ में आयोजित विश्व धर्म महासभा में भारत की ओर से सनातन धर्म का प्रतिनिधित्व किया था। भारत का आध्यात्मिकता से परिपूर्ण वेदान्त दर्शन अमेरिका और यूरोप के हर एक देश में स्वामी विवेकानन्द की वक्तृता के कारण ही पहुँचा। उन्होंने रामकृष्ण मिशन की स्थापना की थी जो आज भी अपना काम कर रहा है। वे रामकृष्ण परमहंस के सुयोग्य शिष्य थे। उन्हें प्रमुख रूप से उनके भाषण की शुरुआत "मेरे अमरीकी भाइयो एवं बहनों" के साथ करने के लिये जाना जाता है।[5] उनके संबोधन के इस प्रथम वाक्य ने सबका दिल जीत लिया था।
स्वामी विवेकानन्द
स्वामी विवेकानन्द शिकागो (1893) में
चित्र में स्वामी विवेकानन्द ने अंग्रेज़ी भाषा में लिखा है: "एक असीमित, पवित्र, शुद्ध सोच एवं गुणों से परिपूर्ण उस परमात्मा को मैं नतमस्तक हूँ।" इसी चित्र में दूसरी ओर स्वामी विवेकानन्द के हस्ताक्षर हैं।[1]
जन्म
नरेंद्रनाथ दत्त
12 जनवरी 1863
कलकत्ता
(अब कोलकाता)
मृत्यु
4 जुलाई 1902 (उम्र 39)
बेलूर मठ, बंगाल रियासत, ब्रिटिश राज
(अब बेलूर, पश्चिम बंगाल में)
गुरु/शिक्षक
रामकृष्ण परमहंस
दर्शन
आधुनिक वेदांत,[2][3] राज योग[3]
साहित्यिक कार्य
राज योग (पुस्तक)
कथन
"उठो, जागो और तब तक नहीं रुको जब तक लक्ष्य प्राप्त न हो जाये"[4]
हस्ताक्षर
धर्म
हिन्दू
दर्शन
आधुनिक वेदांत,[2][3] राज योग[3]
राष्ट्रीयता
भारतीय
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स्वामी विवेकानन्द
कलकत्ता के एक कुलीन बंगाली परिवार में जन्मे विवेकानंद आध्यात्मिकता की ओर झुके हुए थे। वे अपने गुरु रामकृष्ण देव से काफी प्रभावित थे जिनसे उन्होंने सीखा कि सारे जीव स्वयं परमात्मा का ही एक अवतार हैं; इसलिए मानव जाति की सेवा द्वारा परमात्मा की भी सेवा की जा सकती है। रामकृष्ण की मृत्यु के बाद विवेकानंद ने बड़े पैमाने पर भारतीय उपमहाद्वीप का दौरा किया और ब्रिटिश भारत में मौजूदा स्थितियों का पहले हाथ ज्ञान हासिल किया। बाद में विश्व धर्म संसद 1893 में भारत का प्रतिनिधित्व करने, संयुक्त राज्य अमेरिका के लिए कूच की। विवेकानंद के संयुक्त राज्य अमेरिका, इंग्लैंड और यूरोप में हिंदू दर्शन के सिद्धांतों का प्रसार किया , सैकड़ों सार्वजनिक और निजी व्याख्यानों का आयोजन किया। भारत में, विवेकानंद को एक देशभक्त संत के रूप में माना जाता है और इनके जन्मदिन को राष्ट्रीय युवा दिवस के रूप में मनाया जाता है।
प्रारंभिक जीवन (1863-88)
शिक्षा
निष्ठा
सम्मेलन भाषण
यात्राएँ
विवेकानन्द का योगदान तथा महत्व
विवेकानन्द का शिक्षा-दर्शन
महत्त्वपूर्ण तिथियाँ
चित्र दीर्घा
सन्दर्भ
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बाहरी कड़ियाँ
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गोपनीयताडेस्कटॉप
सुभाष चन्द्र बोस
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सुभाष चन्द्र बोस
भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के अग्रणी नेता, आज़ाद हिंद फौज के सर्वोच्च सेनानी
सुभाष चन्द्र बोस (बांग्ला: সুভাষ চন্দ্র বসু उच्चारण: शुभाष चॉन्द्रो बोशु, जन्म: 23 जनवरी 1897, मृत्यु: 18 अगस्त 1945) जो नेता जी के नाम से भी जाने जाते हैं, भारत के स्वतन्त्रता संग्राम के अग्रणी तथा सबसे बड़े नेता थे। द्वितीय विश्वयुद्ध के दौरान, अंग्रेज़ों के खिलाफ लड़ने के लिये, उन्होंने जापान के सहयोग से आज़ाद हिन्द फौज का गठन किया था[1]। उनके द्वारा दिया गया जय हिन्द का नारा भारत का राष्ट्रीय नारा बन गया है। "तुम मुझे खून दो मैं तुम्हे आजादी दूंगा" का नारा भी उनका था जो उस समय अत्यधिक प्रचलन में आया।[2]
सुभाषचन्द्र बोस
सुभाषचन्द्र बोस का चित्र उनके हस्ताक्षर सहित
जन्म
23 जनवरी 1897
कटक, बंगाल प्रेसीडेंसी का ओड़िसा डिवीजन, ब्रिटिश भारत
राष्ट्रीयता
भारतीय
शिक्षा
बी०ए० (आनर्स)
शिक्षा प्राप्त की
कलकत्ता विश्वविद्यालय
पदवी
अध्यक्ष (भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस)(1938)
सुप्रीम कमाण्डर आज़ाद हिन्द फ़ौज
प्रसिद्धि कारण
भारतीय स्वतन्त्रता संग्राम के अग्रणी सेनानी तथा सबसे बड़े नेता
राजनैतिक पार्टी
भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस 1921–1940,
फॉरवर्ड ब्लॉक 1939–1940
धार्मिक मान्यता
हिन्दू
जीवनसाथी
एमिली शेंकल
(1937 में विवाह किन्तु जनता को 1993 में पता चला)
बच्चे
अनिता बोस फाफ
संबंधी
शरतचन्द्र बोस भाई
शिशिर कुमार बोस भतीजा
हस्ताक्षर
कुछ इतिहासकारों का मानना है कि जब नेता जी ने जापान और जर्मनी से मदद लेने की कोशिश की थी तो ब्रिटिश सरकार ने अपने गुप्तचरों को 1941 में उन्हें ख़त्म करने का आदेश दिया था।[3]
नेता जी ने 5 जुलाई 1943 को सिंगापुर के टाउन हाल के सामने 'सुप्रीम कमाण्डर' के रूप में सेना को सम्बोधित करते हुए "दिल्ली चलो!" का नारा दिया और जापानी सेना के साथ मिलकर ब्रिटिश व कामनवेल्थ सेना से बर्मा सहित इम्फाल और कोहिमा में एक साथ जमकर मोर्चा लिया।
21 अक्टूबर 1943 को सुभाष बोस ने आजाद हिन्द फौज के सर्वोच्च सेनापति की हैसियत से स्वतन्त्र भारत की अस्थायी सरकार बनायी जिसे जर्मनी, जापान, फिलीपींस, कोरिया, चीन, इटली, मान्चुको और आयरलैंड ने मान्यता दी। जापान ने अंडमान व निकोबार द्वीप इस अस्थायी सरकार को दे दिये। सुभाष उन द्वीपों में गये और उनका नया नामकरण किया।
1944 को आजाद हिन्द फौज ने अंग्रेजों पर दोबारा आक्रमण किया और कुछ भारतीय प्रदेशों को अंग्रेजों से मुक्त भी करा लिया। कोहिमा का युद्ध 4 अप्रैल 1944 से 22 जून 1944 तक लड़ा गया एक भयंकर युद्ध था। इस युद्ध में जापानी सेना को पीछे हटना पड़ा था और यही एक महत्वपूर्ण मोड़ सिद्ध हुआ।
6 जुलाई 1944 को उन्होंने रंगून रेडियो स्टेशन से महात्मा गांधी के नाम एक प्रसारण जारी किया जिसमें उन्होंने इस निर्णायक युद्ध में विजय के लिये उनका आशीर्वाद और शुभकामनायें माँगीं।[4]
नेताजी की मृत्यु को लेकर आज भी विवाद है।[5] जहाँ जापान में प्रतिवर्ष 18 अगस्त को उनका शहीद दिवस धूमधाम से मनाया जाता है वहीं भारत में रहने वाले उनके परिवार के लोगों का आज भी यह मानना है कि सुभाष की मौत 1945 में नहीं हुई। वे उसके बाद रूस में नज़रबन्द थे। यदि ऐसा नहीं है तो भारत सरकार ने उनकी मृत्यु से सम्बंधित दस्तावेज़ अब तक सार्वजनिक क्यों नहीं किये?(यथा सभंव नेता जी की मौत नही हूई थी) [6]
16 जनवरी 2014 (गुरुवार) को कलकत्ता हाई कोर्ट ने नेताजी के लापता होने के रहस्य से जुड़े खुफिया दस्तावेजों को सार्वजनिक करने की माँग वाली जनहित याचिका पर सुनवाई के लिये स्पेशल बेंच के गठन का आदेश दिया।[7]
आजाद हिंद सरकार के 75 साल पूर्ण होने पर इतिहास मे पहली बार साल 2018 मे नरेंद्र मोदी ने किसी प्रधानमंत्री के रूप में 15 अगस्त के अलावा लाल किले पर तिरंगा फहराया। 11 देशो कि सरकार ने इस सरकार को मान्यता दी थी।
जन्म और कौटुम्बिक जीवन
शिक्षादीक्षा से लेकर आईसीएस तक का सफर
स्वतन्त्रता संग्राम में प्रवेश और कार्य
कारावास
यूरोप प्रवास
ऑस्ट्रिया में प्रेम विवाह
हरीपुरा कांग्रेस का अध्यक्ष पद
कांग्रेस के अध्यक्ष पद से इस्तीफा
फॉरवर्ड ब्लॉक की स्थापना
नजरबन्दी से पलायन
जर्मनी में प्रवास एवं हिटलर से मुलाकात
पूर्व एशिया में अभियान
दुर्घटना और मृत्यु की खबर
सुनवाई के लिये विशेष पीठ का गठन
भारत की स्वतन्त्रता पर नेताजी का प्रभाव
लेखन (एवं वाचिक) कार्य तथा प्रकाशन
सन्दर्भ
इन्हें भी देखें
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व्यक्ति विशेष चंद्र शेखर आजाद
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चन्द्रशेखर आज़ाद
महान क्रांतिकारी
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शहीद चन्द्रशेखर 'आजाद' (२३ जुलाई १९०६ - २७ फ़रवरी १९३१) ऐतिहासिक दृष्टि से भारतीय स्वतन्त्रता संग्राम के स्वतंत्रता सेनानी थे। वे शहीद राम प्रसाद बिस्मिल व शहीद भगत सिंह सरीखे क्रान्तिकारियों के अनन्यतम साथियों में से थे।
शहीद चन्द्रशेखर 'आजाद'(sher-a-hindusthan)
(२३ जुलाई १९०६ से २७ फ़रवरी १९३१)
चन्द्रशेखर आजाद पार्क, इलाहाबाद, भारत में चन्द्रशेखर आजाद की प्रतिमा
उपनाम :
'आजाद',
जन्मस्थल :
भाबरा गाँव (चन्द्र्शेखर आज़ादनगर) (वर्तमान अलीराजपुर जिला)[1][2]
मृत्युस्थल:
चन्द्रशेखर आजाद पार्क, इलाहाबाद, उत्तर प्रदेश
आन्दोलन:
भारतीय स्वतन्त्रता संग्राम
प्रमुख संगठन:
हिदुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन एसोसियेशन-के प्रमुख नेता (१९२८)
सन् १९२२ में गाँधीजी द्वारा असहयोग आन्दोलन को अचानक बन्द कर देने के कारण उनकी विचारधारा में बदलाव आया और वे क्रान्तिकारी गतिविधियों से जुड़ कर हिन्दुस्तान रिपब्लिकन एसोसियेशन के सक्रिय सदस्य बन गये। इस संस्था के माध्यम से उन्होंने राम प्रसाद बिस्मिल के नेतृत्व में पहले ९ अगस्त १९२५ को काकोरी काण्ड किया और फरार हो गये। इसके पश्चात् सन् १९२७ में 'बिस्मिल' के साथ ४ प्रमुख साथियों के बलिदान के बाद उन्होंने उत्तर भारत की सभी क्रान्तिकारी पार्टियों को मिलाकर एक करते हुए हिन्दुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन ऐसोसियेशन का गठन किया तथा भगत सिंह के साथ लाहौर में लाला लाजपत राय की मौत का बदला सॉण्डर्स का हत्या करके लिया एवं दिल्ली पहुँच कर असेम्बली बम काण्ड को अंजाम दिया।
जन्म तथा प्रारम्भिक जीवन संपादित करें
अपने पैतृक गाँव में चन्द्रशेखर आजाद की मूर्ति
चन्द्रशेखर आजाद का जन्म भाबरा गाँव (अब चन्द्रशेखर आजादनगर) (वर्तमान अलीराजपुर जिला) में २३ जुलाई सन् १९०६ को हुआ था।[3][4] उनके पूर्वज बदरका (वर्तमान उन्नाव जिला) बैसवारा से थे। आजाद के पिता पण्डित सीताराम तिवारी संवत् १९५६ में अकाल के समय अपने पैतृक निवास बदरका को छोड़कर पहले कुछ दिनों मध्य प्रदेश अलीराजपुर रियासत में नौकरी करते रहे फिर जाकर भाबरा गाँव में बस गये। यहीं बालक चन्द्रशेखर का बचपन बीता। उनकी माँ का नाम जगरानी देवी था। आजाद का प्रारम्भिक जीवन आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र में स्थित भाबरा गाँव में बीता अतएव बचपन में आजाद ने भील बालकों के साथ खूब धनुष बाण चलाये। इस प्रकार उन्होंने निशानेबाजी बचपन में ही सीख ली थी। बालक चन्द्रशेखर आज़ाद का मन अब देश को आज़ाद कराने के अहिंसात्मक उपायों से हटकर सशस्त्र क्रान्ति की ओर मुड़ गया। उस समय बनारस क्रान्तिकारियों का गढ़ था। वह मन्मथनाथ गुप्त और प्रणवेश चटर्जी के सम्पर्क में आये और क्रान्तिकारी दल के सदस्य बन गये। क्रान्तिकारियों का वह दल "हिन्दुस्तान प्रजातन्त्र संघ" के नाम से जाना जाता था।
पहली घटना संपादित करें
१९१९ में हुए अमृतसर के जलियांवाला बाग नरसंहार ने देश के नवयुवकों को उद्वेलित कर दिया। चन्द्रशेखर उस समय पढाई कर रहे थे। जब गांधीजी ने सन् १९२१ में असहयोग आन्दोलनका फरमान जारी किया तो वह आग ज्वालामुखी बनकर फट पड़ी और तमाम अन्य छात्रों की भाँति चन्द्रशेखर भी सडकों पर उतर आये। अपने विद्यालय के छात्रों के जत्थे के साथ इस आन्दोलन में भाग लेने पर वे पहली बार गिरफ़्तार हुए और उन्हें १५ बेतों की सज़ा मिली। इस घटना का उल्लेख पं० जवाहरलाल नेहरू ने कायदा तोड़ने वाले एक छोटे से लड़के की कहानी के रूप में किया है-
ऐसे ही कायदे (कानून) तोड़ने के लिये एक छोटे से लड़के को, जिसकी उम्र १५ या १६ साल की थी और जो अपने को आज़ाद कहता था, बेंत की सजा दी गयी। वह नंगा किया गया और बेंत की टिकटी से बाँध दिया गया। जैसे-जैसे बेंत उस पर पड़ते थे और उसकी चमड़ी उधेड़ डालते थे, वह 'भारत माता की जय!' चिल्लाता था। हर बेंत के साथ वह लड़का तब तक यही नारा लगाता रहा, जब तक वह बेहोश न हो गया। बाद में वही लड़का उत्तर भारत के क्रान्तिकारी कार्यों के दल का एक बड़ा नेता बना।[5][6]
झांसी में क्रांतिकारी गतिविधियां संपादित करें
चंद्रशेखर आजाद ने एक निर्धारित समय के लिए झांसी को अपना गढ़ बना लिया। झांसी से पंद्रह किलोमीटर दूर ओरछा के जंगलों में वह अपने साथियों के साथ निशानेबाजी किया करते थे। अचूक निशानेबाज होने के कारण चंद्रशेखर आजाद दूसरे क्रांतिकारियों को प्रशिक्षण देने के साथ-साथ पंडित हरिशंकर ब्रह्मचारी के छ्द्म नाम से बच्चों के अध्यापन का कार्य भी करते थे। वह धिमारपुर गांव में अपने इसी छद्म नाम से स्थानीय लोगों के बीच बहुत लोकप्रिय हो गए थे। झांसी में रहते हुए चंद्रशेखर आजाद ने गाड़ी चलानी भी सीख ली थी।
क्रान्तिकारी संगठन संपादित करें
असहयोग आन्दोलन के दौरान जब फरवरी १९२२ में चौरी चौरा की घटना के पश्चात् बिना किसे से पूछे गाँधीजी ने आन्दोलन वापस ले लिया तो देश के तमाम नवयुवकों की तरह आज़ाद का भी कांग्रेस से मोह भंग हो गया और पण्डित राम प्रसाद बिस्मिल, शचीन्द्रनाथ सान्याल योगेशचन्द्र चटर्जी ने १९२४ में उत्तर भारत के क्रान्तिकारियों को लेकर एक दल हिन्दुस्तानी प्रजातान्त्रिक संघ (एच० आर० ए०) का गठन किया। चन्द्रशेखर आज़ाद भी इस दल में शामिल हो गये। इस संगठन ने जब गाँव के अमीर घरों में डकैतियाँ डालीं, ताकि दल के लिए धन जुटाने की व्यवस्था हो सके तो यह तय किया गया कि किसी भी औरत के ऊपर हाथ नहीं उठाया जाएगा। एक गाँव में राम प्रसाद बिस्मिल के नेतृत्व में डाली गई डकैती में जब एक औरत ने आज़ाद का पिस्तौल छीन लिया तो अपने बलशाली शरीर के बावजूद आज़ाद ने अपने उसूलों के कारण उस पर हाथ नहीं उठाया। इस डकैती में क्रान्तिकारी दल के आठ सदस्यों पर, जिसमें आज़ाद और बिस्मिल भी शामिल थे, पूरे गाँव ने हमला कर दिया। बिस्मिल ने मकान के अन्दर घुसकर उस औरत के कसकर चाँटा मारा, पिस्तौल वापस छीनी और आजाद को डाँटते हुए खींचकर बाहर लाये। इसके बाद दल ने केवल सरकारी प्रतिष्ठानों को ही लूटने का फैसला किया। १ जनवरी १९२५ को दल ने समूचे हिन्दुस्तान में अपना बहुचर्चित पर्चा द रिवोल्यूशनरी (क्रान्तिकारी) बाँटा जिसमें दल की नीतियों का खुलासा किया गया था। इस पैम्फलेट में सशस्त्र क्रान्ति की चर्चा की गयी थी। इश्तहार के लेखक के रूप में "विजयसिंह" का छद्म नाम दिया गया था। शचींद्रनाथ सान्याल इस पर्चे को बंगाल में पोस्ट करने जा रहे थे तभी पुलिस ने उन्हें बाँकुरा में गिरफ्तार करके जेल भेज दिया। "एच० आर० ए०" के गठन के अवसर से ही इन तीनों प्रमुख नेताओं - बिस्मिल, सान्याल और चटर्जी में इस संगठन के उद्देश्यों को लेकर मतभेद था।
इस संघ की नीतियों के अनुसार ९ अगस्त १९२५ को काकोरी काण्ड को अंजाम दिया गया। जब शाहजहाँपुर में इस योजना के बारे में चर्चा करने के लिये मीटिंग बुलायी गयी तो दल के एक मात्र सदस्य अशफाक उल्ला खाँ ने इसका विरोध किया था। उनका तर्क था कि इससे प्रशासन उनके दल को जड़ से उखाड़ने पर तुल जायेगा और ऐसा ही हुआ भी। अंग्रेज़ चन्द्रशेखर आज़ाद को तो पकड़ नहीं सके पर अन्य सर्वोच्च कार्यकर्ताओँ - पण्डित राम प्रसाद 'बिस्मिल', अशफाक उल्ला खाँ एवं ठाकुररोशन सिंह को १९ दिसम्बर १९२७ तथा उससे २ दिन पूर्व राजेन्द्रनाथ लाहिड़ी को १७ दिसम्बर १९२७ को फाँसी पर लटकाकर मार दिया गया। सभी प्रमुख कार्यकर्ताओं के पकडे जाने से इस मुकदमे के दौरान दल पाय: निष्क्रिय ही रहा। एकाध बार बिस्मिल तथा योगेश चटर्जी आदि क्रान्तिकारियों को छुड़ाने की योजना भी बनी जिसमें आज़ाद के अलावा भगत सिंह भी शामिल थे लेकिन किसी कारण वश यह योजना पूरी न हो सकी।
४ क्रान्तिकारियों को फाँसी और १६ को कड़ी कैद की सजा के बाद चन्द्रशेखर आज़ाद ने उत्तर भारत के सभी कान्तिकारियों को एकत्र कर ८ सितम्बर १९२८ को दिल्ली के फीरोज शाह कोटला मैदान में एक गुप्त सभा का आयोजन किया। इसी सभा में भगत सिंह को दल का प्रचार-प्रमुख बनाया गया। इसी सभा में यह भी तय किया गया कि सभी क्रान्तिकारी दलों को अपने-अपने उद्देश्य इस नयी पार्टी में विलय कर लेने चाहिये। पर्याप्त विचार-विमर्श के पश्चात् एकमत से समाजवाद को दल के प्रमुख उद्देश्यों में शामिल घोषित करते हुए "हिन्दुस्तान रिपब्लिकन ऐसोसियेशन" का नाम बदलकर "हिन्दुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन एसोसियेशन" रखा गया। चन्द्रशेखर आज़ाद ने सेना-प्रमुख (कमाण्डर-इन-चीफ) का दायित्व सम्हाला। इस दल के गठन के पश्चात् एक नया लक्ष्य निर्धारित किया गया - "हमारी लड़ाई आखिरी फैसला होने तक जारी रहेगी और वह फैसला है जीत या मौत।"
लाला लाजपतराय का बदला संपादित करें
17 दिसम्बर, 1928 को चन्द्रशेखर आज़ाद, भगतसिंह और राजगुरु ने संध्या के समय लाहौर में पुलिस अधीक्षक के दफ़्तर को जा घेरा। ज्यों ही जे. पी. सांडर्स अपने अंगरक्षक के साथ मोटर साइकिल पर बैठकर निकला, पहली गोली राजगुरु ने दाग़ दी, जो साडंर्स के मस्तक पर लगी और वह मोटर साइकिल से नीचे गिर पड़ा। भगतसिंह ने आगे बढ़कर चार–छह गोलियाँ और दागकर उसे बिल्कुल ठंडा कर दिया। जब सांडर्स के अंगरक्षक ने पीछा किया तो चन्द्रशेखर आज़ाद ने अपनी गोली से उसे भी समाप्त कर दिया। लाहौर नगर में जगह–जगह परचे चिपका दिए गए कि लाला लाजपतराय की मृत्यु का बदला ले लिया गया। समस्त भारत में क्रान्तिकारियों के इस क़दम को सराहा गया।
केन्द्रीय असेंबली में बम संपादित करें
चन्द्रशेखर आज़ाद के ही सफल नेतृत्व में भगतसिंहऔर बटुकेश्वर दत्त ने 8 अप्रैल, 1929 को दिल्ली की केन्द्रीय असेंबली में बम विस्फोट किया। यह विस्फोट किसी को भी नुकसान पहुँचाने के उद्देश्य से नहीं किया गया था। विस्फोट अंग्रेज़ सरकार द्वारा बनाए गए काले क़ानूनों के विरोध में किया गया था। इस काण्ड के फलस्वरूप भी क्रान्तिकारी बहुत जनप्रिय हो गए। केन्द्रीय असेंबली में बम विस्फोट करने के पश्चात् भगतिसिंह और बटुकेश्वर दत्त ने स्वयं को गिरफ्तार करा लिया। वे न्यायालय को अपना प्रचार–मंच बनाना चाहते थे।
चरम सक्रियता संपादित करें
आज़ाद के प्रशंसकों में पण्डित मोतीलाल नेहरू, पुरुषोत्तमदास टंडन का नाम शुमार था। जवाहरलाल नेहरू से आज़ाद की भेंट आनन्द भवन में हुई थी उसका ज़िक्र नेहरू ने अपनी आत्मकथा में 'फासीवादी मनोवृत्ति' के रूप में किया है। इसकी कठोर आलोचना मन्मथनाथ गुप्त ने अपने लेखन में की है। कुछ लोगों का ऐसा भी कहना है कि नेहरू ने आज़ाद को दल के सदस्यों को समाजवाद के प्रशिक्षण हेतु रूस भेजने के लिये एक हजार रुपये दिये थे जिनमें से ४४८ रूपये आज़ाद की शहादत के वक़्त उनके वस्त्रों में मिले थे। सम्भवतः सुरेन्द्रनाथ पाण्डेय तथा यशपाल का रूस जाना तय हुआ था पर १९२८-३१ के बीच शहादत का ऐसा सिलसिला चला कि दल लगभग बिखर सा गया। जबकि यह बात सच नहीं है। चन्द्रशेखर आज़ाद की इच्छा के विरुद्ध जब भगत सिंह एसेम्बली में बम फेंकने गये तो आज़ाद पर दल की पूरी जिम्मेवारी आ गयी। साण्डर्स वध में भी उन्होंने भगत सिंह का साथ दिया और बाद में उन्हें छुड़ाने की पूरी कोशिश भी की। आज़ाद की सलाह के खिलाफ जाकर यशपाल ने २३ दिसम्बर १९२९ को दिल्ली के नज़दीक वायसराय की गाड़ी पर बम फेंका तो इससे आज़ाद क्षुब्ध थे क्योंकि इसमें वायसराय तो बच गया था पर कुछ और कर्मचारी मारे गए थे। आज़ाद को २८ मई १९३० को भगवती चरण वोहरा की बम-परीक्षण में हुई शहादत से भी गहरा आघात लगा था। इसके कारण भगत सिंह को जेल से छुड़ाने की योजना भी खटाई में पड़ गयी थी। भगत सिंह, सुखदेव तथा राजगुरु की फाँसी रुकवाने के लिए आज़ाद ने दुर्गा भाभी को गांधीजी के पास भेजा जहाँ से उन्हें कोरा जवाब दे दिया गया था। आज़ाद ने अपने बलबूते पर झाँसी और कानपुर में अपने अड्डे बना लिये थे। झाँसी में मास्टर रुद्र नारायण, सदाशिव मलकापुरकर, भगवानदास माहौर तथा विश्वनाथ वैशम्पायन थे जबकि कानपुर में पण्डित शालिग्राम शुक्ल सक्रिय थे। शालिग्राम शुक्ल को १ दिसम्बर १९३० को पुलिस ने आज़ाद से एक पार्क में मिलने जाते वक्त शहीद कर दिया था।
बलिदान संपादित करें
एच०एस०आर०ए० द्वारा किये गये साण्डर्स-वध और दिल्ली एसेम्बली बम काण्ड में फाँसी की सजा पाये तीन अभियुक्तों- भगत सिंह, राजगुरु व सुखदेव ने अपील करने से साफ मना कर ही दिया था। अन्य सजायाफ्ता अभियुक्तों में से सिर्फ ३ ने ही प्रिवी कौन्सिल में अपील की। ११ फ़रवरी १९३१ को लन्दन की प्रिवी कौन्सिल में अपील की सुनवाई हुई। इन अभियुक्तों की ओर से एडवोकेट प्रिन्ट ने बहस की अनुमति माँगी थी किन्तु उन्हें अनुमति नहीं मिली और बहस सुने बिना ही अपील खारिज कर दी गयी। चन्द्रशेखर आज़ाद ने मृत्यु दण्ड पाये तीनों प्रमुख क्रान्तिकारियों की सजा कम कराने का काफी प्रयास किया। वे उत्तर प्रदेश की हरदोई जेल में जाकर गणेशशंकर विद्यार्थी से मिले। विद्यार्थी से परामर्श कर वे इलाहाबाद गये और जवाहरलाल नेहरू से उनके निवास आनन्द भवन में भेंट की। आजाद ने पण्डित नेहरू से यह आग्रह किया कि वे गांधी जी पर लॉर्ड इरविन से इन तीनों की फाँसी को उम्र- कैद में बदलवाने के लिये जोर डालें! अल्फ्रेड पार्क में अपने एक मित्र सुखदेव राज से मन्त्रणा कर ही रहे थे तभी सी०आई०डी० का एस०एस०पी० नॉट बाबर जीप से वहाँ आ पहुँचा। उसके पीछे-पीछे भारी संख्या में कर्नलगंज थाने से पुलिस भी आ गयी। दोनों ओर से हुई भयंकर गोलीबारी में आजाद को वीरगति प्राप्त हुई। यह दुखद घटना २७ फ़रवरी १९३१ के दिन घटित हुई और हमेशा के लिये इतिहास में दर्ज हो गयी।
पुलिस ने बिना किसी को इसकी सूचना दिये चन्द्रशेखर आज़ाद का अन्तिम संस्कार कर दिया था। जैसे ही आजाद की बलिदान की खबर जनता को लगी सारा इलाहाबाद अलफ्रेड पार्क में उमड पडा। जिस वृक्ष के नीचे आजाद शहीद हुए थे लोग उस वृक्ष की पूजा करने लगे। वृक्ष के तने के इर्द-गिर्द झण्डियाँ बाँध दी गयीं। लोग उस स्थान की माटी को कपडों में शीशियों में भरकर ले जाने लगे। समूचे शहर में आजाद की बलिदान की खबर से जबरदस्त तनाव हो गया। शाम होते-होते सरकारी प्रतिष्ठानों पर हमले होने लगे। लोग सडकों पर आ गये।
आज़ाद के बलिदान की खबर जवाहरलाल नेहरू की पत्नी कमला नेहरू को मिली तो उन्होंने तमाम काँग्रेसी नेताओं व अन्य देशभक्तों को इसकी सूचना दी।। बाद में शाम के वक्त लोगों का हुजूम पुरुषोत्तम दास टंडन के नेतृत्व में इलाहाबाद के रसूलाबाद शमशान घाट पर कमला नेहरू को साथ लेकर पहुँचा। अगले दिन आजाद की अस्थियाँ चुनकर युवकों का एक जुलूस निकाला गया। इस जुलूस में इतनी ज्यादा भीड थी कि इलाहाबाद की मुख्य सडकों पर जाम लग गया। ऐसा लग रहा था जैसे इलाहाबाद की जनता के रूप में सारा हिन्दुस्तान अपने इस सपूत को अंतिम विदाई देने उमड पड़ा हो। जुलूस के बाद सभा हुई। सभा को शचीन्द्रनाथ सान्याल की पत्नी प्रतिभा सान्याल ने सम्बोधित करते हुए कहा कि जैसे बंगाल में खुदीराम बोस की बलिदान के बाद उनकी राख को लोगों ने घर में रखकर सम्मानित किया वैसे ही आज़ाद को भी सम्मान मिलेगा। सभा को कमला नेहरू तथा पुरुषोत्तम दास टंडन ने भी सम्बोधित किया। इससे कुछ ही दिन पूर्व ६ फ़रवरी १९३१ को पण्डित मोतीलाल नेहरू के देहान्त के बाद आज़ाद भेस बदलकर उनकी शवयात्रा में शामिल हुए थे।
व्यक्तिगत जीवन संपादित करें
आजाद प्रखर देशभक्त थे। काकोरी काण्ड में फरार होने के बाद से ही उन्होंने छिपने के लिए साधु का वेश बनाना बखूबी सीख लिया था और इसका उपयोग उन्होंने कई बार किया। एक बार वे दल के लिये धन जुटाने हेतु गाज़ीपुर के एक मरणासन्न साधु के पास चेला बनकर भी रहे ताकि उसके मरने के बाद मठ की सम्पत्ति उनके हाथ लग जाये। परन्तु वहाँ जाकर जब उन्हें पता चला कि साधु उनके पहुँचने के पश्चात् मरणासन्न नहीं रहा अपितु और अधिक हट्टा-कट्टा होने लगा तो वे वापस आ गये। प्राय: सभी क्रान्तिकारी उन दिनों रूस की क्रान्तिकारी कहानियों से अत्यधिक प्रभावित थे आजाद भी थे लेकिन वे खुद पढ़ने के बजाय दूसरों से सुनने में ज्यादा आनन्दित होते थे। एक बार दल के गठन के लिये बम्बई गये तो वहाँ उन्होंने कई फिल्में भी देखीं। उस समय मूक फिल्मों का ही प्रचलन था अत: वे फिल्मो के प्रति विशेष आकर्षित नहीं हुए।
चन्द्रशेखर आज़ाद ने वीरता की नई परिभाषा लिखी थी। उनके बलिदान के बाद उनके द्वारा प्रारम्भ किया गया आन्दोलन और तेज हो गया, उनसे प्रेरणा लेकर हजारों युवक स्वतन्त्रता आन्दोलन में कूद पड़े। आजाद की शहादत के सोलह वर्षों बाद १५ अगस्त सन् १९४७ को हिन्दुस्तान की आजादी का उनका सपना पूरा तो हुआ किन्तु वे उसे जीते जी देख न सके। सभी उन्हें पण्डितजी ही कहकर सम्बोधित किया करते थे।
सन्दर्भ
इन्हें भी देखें
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